: गेहूं उपार्जन के पंजीयन की अवधि 16 मार्च तक बढ़ाई
Wed, Mar 13, 2024
सागर/ रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन करने के लिए पंजीयन की अवधि 01 मार्च 2024 तक निर्धारित की गई थी, जिसे समय-समय पर बढ़ाई जाकर 10 मार्च 2024 तक पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों को अंतिम अवसर प्रदान करने के लिए पंजीयन की अवधि 16 मार्च 2024 तक बढ़ाई गई है।
: समाजसेवीयो के सहयोग से मंडावर मोक्षधाम का किया जा रहा सोन्दर्यीकरण
Sun, Mar 10, 2024
मंडावर उपखंड मुख्यालय पर कस्बे के पाखर रोड स्थित मोक्षधाम का ईन दिनो मंडावर कस्बे के ही समाजसेवी व्यक्तियो के द्वारा सोन्दर्यीकरण करवाने का कार्य जारी है कहते है कि जब इरादा नेक हो दिल में तथा कुछ अलग करने का जज्बा हो तो कोई भी काम असंभव नहीं है अपनों के लिए तो सब जीते हैं परंतु समाज के लिए जीना भी एक नागरिक का दायित्व बनता है ऐसा ही उदाहरण मंडावर कस्बे में इन दिनो देखने को मिल रहा है आज से एक माह पूर्व कस्बे के ही कुछ लोगों ने मिलकर मंडावर के पाखर रोड स्थित मोक्षधाम को सुंदर बनाने का संकल्प लिया तथा फिर आनन-फानन में कुछ समाजसेवियों को अपने साथ लेकर मोक्षधाम की दशा बदलने के लिए समिति बनाई जिसने अगले ही दिन से अपना काम चालू कर दिया मोक्षधाम समिति के सदस्यों ने अपने स्तर पर ही सहयोग राशि इकट्ठा कर मोक्षधाम की मरम्मत,सौंदर्यकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया है आज मोक्षधाम को देखते ही मानो ऐसा लगता है जैसे किसी पार्क में आ गए अब तक दो लकड़ी घर जो पूर्णतया टीन शेड से कवर,अर्थी स्टैंड,पेड़ों के लिए थान,लोगो को बैठने के लिए समुचित व्यवस्था उक्त समिति के सदस्यों द्वारा की गई है तथा वहाँ मौजूद पेड़ों में पानी के लिए ड्रॉप सिस्टम लगाया गया है जो शायद किसी मोक्षधाम में पहला उदाहरण होगा वही मोक्षधाम समिति के सदस्यों ने बताया कि पेड़ों के चारों तरक जाल की व्यवस्था होगी जिससे बंदरों द्वारा उन्हे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकें वही भविष्य में मोक्ष धाम में एक मंदिर भी बनवाया जाएगा
: आईआईटी की तर्ज पर मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेज विकसित किए जाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Sat, Mar 9, 2024
प्रदेश में आईआईटी की तर्ज पर इंजीनियरिंग कॉलेज विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता अनुभावतमक विद्यार्जन (डीप-टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर) केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति जीवंत और अनुसंधानात्मक हैं। संस्कृति की इसी विशेषता से हमारे यहां निरंतर हजारों वर्षों से रिसर्च को प्रोत्साहन दिया जाता रहा है। हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश में आईआईटी की तर्ज पर प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज विकसित किए जाएंगे। आईआईटी के समान कैंपस तैयार किए जाएंगे। आईआईटी से हो रहे ज्ञान के प्रसार को इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी भी सीख सकेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से भारत को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी देश बनाने के प्रयासों को गति मिली है। सैटेलाइट परिसर की स्थापना से मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में तीन अत्याधुनिक लैब खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अभियांत्रिकी धरोहर तथा नवाचार केंद्र, लेजर इंजिनियरिंग लैब और मेकर स्पेस लैब का उद्घाटन किया।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को नवीन ज्ञान परंपरा के केंद्र बनाया जाएगा। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित आईआईटी इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।