: विश्व तम्बाकू निषेध कार्यक्रम अंर्तगत के जन-जागरूकता रैली निकाली
Sat, Jun 1, 2024
सागर| विश्व तम्बाकू निषेध कार्यक्रम के तहत “बच्चों को तम्बाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना“ की थीम पर जिला चिकित्सालय परिषर में डॉ. ज्योति चौहान क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें द्वारा जन-जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में डॉ. आर. एस. जयंत सिविल सर्जन, डॉ. अभिषेक ठाकुर आरएमओ, डॉ. मधु जैन शिशुरोग विषेशज्ञ, डॉ. संजय राधव, डॉ. ब्रजेश यादव, डॉ. जितेन्द्र सराफ, जाली शाबू डीपीएचएनओ, नर्सिंग आफीसर, सिस्टर टूयटर, बीएमएसी की प्रशिक्षु नर्सिंग छात्रायें, एमपीडब्ल्यू प्रशिक्षु, शहरी आशा कार्यकर्ता, चिकित्सक एवं स्टाफ सम्मिलित रहे।
डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि गर्भवती महिला के आसपास धूम्रपान होने से महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को सिगरेट का धुंआ जानलेवा हो सकता हैं बच्चें को कुपोषित कर सकता हैं। डॉ. आर.एस. जयंत ने बताया कि तम्बाकू के सेवन से विभिन्न बीमारियों जैसे-कैंसर, टीबी, और स्वास संबंधी बीमारियों को आमंत्रण देता हैं। परिवार के साथ-साथ आपने आसपास के लोगों को नुकसान पहुँचाता है। डॉ. धर्मेन्द्र कनोजिया तम्बाकू नियत्रण कार्यकम नोडल अधिकारी ने बताया कि बच्चे तम्बाकू के प्रति भ्रामक एवं आकर्षित प्रचार-विज्ञापन, रोल मार्डेल, सेलिब्रिट से प्रेरित होकर आकर्षित होते हैं इस की रोकथाम करना हैं और किशोर-किशोरियों और युवाओं को तम्बाकू के सेवन से रोकने और इससे होने वाले दूष्प्रभाव के प्रति जागरूक करना अनिवार्य हो गया हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को एवं उनके द्वारा तम्बाकू उत्पादो को बेचना एवं शैक्षणिक संस्थाओ के 100 गज के दायरे में बेचना दोनों ही प्रतिबंधित किये गये हैं।
डॉ. ममता तिमोरी ने कार्यालय के अधिकारी,कर्मचारियों को तम्बाकू से निर्मित उत्पाद के सेवन न करने की शपथ दिलाई और बताया कि कार्यालय में कार्यरत स्टॉफ यदि तम्बाकू खाता पाया गया तो 200 रू.का जुर्माना किया जावेगा। साथ ही अन्य को भी तम्बाकू के सेवन न करने हेतु प्रेरित करें। महिलाओं के तम्बाकू खाने को भी रोकने हेतु कहा गया ताकि परिवार पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े ।
: आंगनबाड़ी केन्द्र: सुबह 7 से 11 बजे तक खुलेंगे
Fri, May 31, 2024
पन्नाI कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार ने ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव से तापमान में बढ़ोत्तरी और बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक निर्धारित किया है। अब आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक शाला पूर्व शिक्षा की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जबकि 10 बजे बच्चों के भोजन का समय निर्धारित किया गया है। 11 से 12 बजे तक थर्ड मील, पोषण परामर्श, मंगल दिवस, वृद्धि निगरानी, किशोरी बालिका योजना अंतर्गत परामर्श और गृह भेंट की गतिविधियां होंगी। केन्द्रों पर दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक रिकार्ड संधारण का कार्य होगा।
: निजी विद्यालय फीस व अन्य जानकारियाँ 8 जून तक पोर्टल पर अपलोड करें
Fri, May 31, 2024
राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल फीस तथा अन्य विषयों की जानकारी पोर्टल पर आगामी 8 जून तक अपलोड कर दें। शासन द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को 30 जून तक विशेष अभियान चलाकर निजी स्कूलों में अनियमितताओं को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये गये हैं।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कलेक्टर्स को दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि कतिपय विद्यालयों द्वारा फर्जी व डुप्लीकेट ISBN पाठ्य-पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। अभियान में अनियमितताएँ चिन्हित होने पर संबंधित प्रकाशक एवं बुक सेलर्स के विरुद्ध नियमानुरूप कार्यवाही भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।सभी कलेक्टर्स को जांच उपरांत प्रतिवेदन आयुक्त, लोक शिक्षण, म.प्र. को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।कलेक्टर्स को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि राज्य शासन को कतिपय निजी विद्यालयों द्वारा शासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन कर अनियमितता बरतने की शिकायतें मिल रही हैं। कलेक्टर्स इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करायें।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा फीस में वृद्धि एवं इसके संग्रहण तथा इससे जुड़े अन्य विषयों को रेगुलेट करने के लिये म.प्र. निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 बनाया गया है। इस अधिनियम के अधीन म.प्र. निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम-2020 में प्रावधानित किया गया है कि राज्य सरकार निजी विद्यालयों की फीस व अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी।