: महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर दिया जल संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश
Mon, Jun 10, 2024
सागरI शासन द्वारा 16 जून तक प्रदेश में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम की महिला पार्षदों और महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर नागरिकों को जल संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। रविवार सुबह 7ः30 बजे पंडित मोतीलाल नेहरू स्कूल कटरा बाजार से निकाली गई महिलाओं की कलश यात्रा तीन बत्ती, कोतवाली होते हुए चकराघाट पहुंची जहां झील के घाट पर महिलाओं ने जल संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ के बाद यात्रा का समापन हुआ।कलश यात्रा में निगम की महिला पार्षद और महिलाओं ने कलश यात्रा के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है यह बात हमारे पूर्वज समझते थे, इसलिए उन्होंने प्राचीन जल स्रोतों जैसे नदी, तालाब, कुएं और बावड़ियों को सुरक्षित रखा और उनकी समय-समय पर सफाई करते रहने से उनके पानी को हर समय पीने योग्य बनाए रखा, परंतु आधुनिकीकरण के कारण हमने इन प्राचीन जल स्रोतों के महत्व को भूलाकर इन्हें अनुपयोगी बना दिया, इसलिए हमने जो भूल की है उसका परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ी न भुगते। इन प्राचीन जल स्रोतों और संरचनाओं को सुरक्षित करने और उनके जल को साफ -सुथरा बनाने के लिए हम सब आगे आएं ताकि इनके जल का पुनः उपयोग हो सके।
कलश यात्रा प्रारंभ होने के पूर्व निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने कलश यात्रा में शामिल महिलाओं को इसके उद्देश्यों से परिचित कराते हुए कहा कि इस कलश यात्रा के माध्यम से पुराने प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति लोगों को जागरूक करना है जो वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है क्योंकि अपने प्राचीन जल स्रोतों की ओर ध्यान न देने से वह अनुपयोगी हो गए हैं इसलिए उनको उपयोगी बनाने के लिए उनका संरक्षण और साफ- सफाई जरूरी है , ताकि हम उनके जल का पुनः उपयोग कर सकें।
प्राचीनकाल में नदी , कुआं, बावड़ी, तालाब लोगों के प्रमुख जल स्रोत थे जो 24 घंटे बारह माह जल की पूर्ति के लिए उपलब्ध रहते थे, परंतु आधुनिकता के कारण हमने उनकी ओर ध्यान देना बंद कर दिया , इसलिए शासन ने उनको पुनः उपयोग में लेने के लिए जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन का अभियान प्रारंभ किया गया है जिसमें हम संकल्प लें कि प्राचीन जल स्रोतों का हम संरक्षण करेंगे और दूसरों को भी संरक्षण करने के लिये प्रेरित करेंगे। कलश यात्रा में प्रमुख रूप से पार्षद रूबी पटेल, डाली सोनी, सुमन साहू सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
: गड़बड़ी वाले विद्यालयों पर होगी सख्त कार्रवाई – कलेक्टर
Fri, Jun 7, 2024
सागर
I मध्यप्रदेश शासन के निर्देश अनुसार सागर जिले के निजी विद्यालयों की जांच दो दर्जन से अधिक बिंदुओं पर जांच कर 15 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें एवं गड़बड़ी करने वाले विद्यालयों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उक्त निर्देश कलेक्टर दीपक आर्य ने मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनिमय नियम 2020 के पालन सुनिश्चित करने के संबंध में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, जिला परियोजना अधिकारी गिरीश मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, अनीता कुमार, उषा जैन, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, बीआरसी, बीएसी सहित अन्य अधिकार मौजूद थे।कलेक्टर दीपक आर्य ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों के द्वारा फर्जी व डुप्लीकेट आईएसबीएन पाठ्य पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फर्जी व डुप्लिकेट आईएसबीएन पाठ्य पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने से रोकने के लिए निजी विद्यालयों के विरूद्ध 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा अशासकीय शालाओं का निरीक्षण किया जाएगा। निजी विद्यालयों द्वारा इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अशासकीय शालाओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। इसके लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर समिति गठित की गई है।कलेक्टर आर्य ने कहां कि शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अशासकीय संस्थाओं द्वारा 8 जून तक शासन के पोर्टल पर फीस संरचना की जानकारी अपलोड नहीं करने पर निर्धारित समयावधि के बाद जानकारी अपलोड करने वाले अशासकीय संस्थाओं पर पांच गुना अर्थदंड की कार्यवाही की जायेगी।
: नमामि गंगे अभियान: 500 वर्ष पुरानी बावड़ी का संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य हुआ शुरू
Fri, Jun 7, 2024
सागरI नमामि गंगे अभियान के तहत सागर विकासखंड के ग्राम पगारा में 500 वर्ष पुरानी बावड़ी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा और उसको अपने पुराने अस्तित्व में लाकर पीने लायक पानी बनाया जाएगा ।उक्त विचार नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने नमामि गंगे अभियान के शुभारंभ अवसर पर सागर जिले के पगारा ग्राम पंचायत में 500 वर्ष पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस अवसर पर सरपंच राम दयाल यादव, उप सरपंच, अरविंद घोसी, ऑफिसर यादव, नितेश शर्मा, प्रहलाद रजक, भगत सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीसी शर्मा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय वर्मा, एन के विश्वकर्मा, पवन चौरसिया, सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं अधिकारी मौजूद थे।
विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत जन संरक्षण संवर्धन के कार्यों को प्रारंभ करें एवं नमामि गंगे अभियान में जन प्रतिनिधियों स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता अनिवार्यता सुनिश्चित की जावे। विधायक लारिया ने कहा कि इस बावड़ी की जीवन आधार एवं संरक्षण संवर्धन होने से न केवल पीने की पानी की व्यवस्था होगी बल्कि अपने पुराने अस्तित्व को पा सकेगी और इसका सुंदरीकरण भी पुरातत्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नरयावली विधानसभा क्षेत्र सहित सागर जिले की पुरानी एवं तालाबों का जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा नमामि गंगे योजना के माध्यम से जो कार्य किया जा रहा है वह अभूतपूर्व है।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नमामि गंगे अभियान के नोडल अधिकारी पीसी शर्मा ने कहा कि कलेक्टर दीपक आर्य ने नमामि गंगे अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए थे कि नमामि गंगे अभियान के तहत जिले की समस्त पंचायतों में जल स्त्रोतों तथा नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी तथा अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुर्नजीवन हेतु 5 जून से 16 जून तक विशेष अभियान के संचालन किया जाए। जिसमें जिले के समस्त जनप्रतिनिधि सामाजिक तथा अशासकीय संस्थाओं एवं योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत जन अभियान परिषद की सहभागिता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जावे। अनेकानेक ऐसी जल संग्रहण संरचनाएं (जैसे नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी आदि) उपलब्ध हैं जो कि वर्तमान में विभिन्न कारणों से अनुपयोगी हो गई हैं। जल स्त्रोतों का अविरल बनाये जाने के लिए इन संरचनाओं का पुर्नरोद्धार / जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण किया जाकर इन्हें उपयोगी बनाया जाना आवश्यक है।उक्त उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर 5 जून से 16 जून तक की अवधि में प्रदेश में प्रवाहित होने वाली नदियों, तालाब एवं जल संरचनाओं के पुर्नजीवीकरण / संरक्षण का विशेष अभियान चलाया जाना शुरू हुआ।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि मनरेगा से निर्मित तालाब निर्माण के पूर्ण कार्य जो 05 वर्ष या अधिक पुराने हैं तथा जिनमें मनरेगा से जीर्णोद्धार/गहरीकरण का कार्य के जीर्णोद्धार/गहरीकरण का कार्य अभियान अंतर्गत लिया जाए। मनरेगा अंतर्गत अनुमत्य कार्यों को ही लिया जाए तथा शेष कार्यों हेतु अन्य मद जैसे 15 वां वित्त आयोग, टाइड फंड, पांचवां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, पंचायत निधि, सांसद/विधायक निधि इत्यादि का उपयोग किया जाए।
पुराने कुएं एवं बावड़ी जीर्णोद्धार के कार्य पूर्व वर्षों में सघनता से मनरेगा से लिए गए हैं, जीर्णोद्धार हेतु शेष बावड़ियों को मनरेगा के प्रावधानों के अनुरूप लिया जा सकता है। जल संग्रहण संरचना के पुनरोद्धार/जीर्णोद्धार के अंतर्गत मुख्य रूप से कैचमेंट क्षेत्र में अवरोध का चिन्हांकन कर उपस्थित अवरोधों/अतिक्रमण को हटाकर, फीडर चैनल बनाकर या अन्य आवश्यक उपाय कर पानी की आवक में वृद्धि किया जाना है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत जिले की समस्त ग्राम पंचायत में सभी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आवश्यकता अनुसार तालाब हुआ बावड़ी के संरक्षण का कार्य किया जाएगा।