: स्वामी विवेकानन्द ने विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का एक शक्तिशाली संदेश दिया था: डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े, सांसद
admin
Wed, Sep 11, 2024
सागर/ सागर सांसद संवाद केन्द्र 11 सितम्बर वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द ने हिंदू धर्म और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का एक शक्तिशाली संदेश दिया था। उक्त उदगार सांसद डॉ लता गुड्डू वानखेड़े ने ‘’विश्व बंधुत्व दिवस’’ पर स्वामी विवेकानंद जी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि उनका वास्तविक नाम नरेंद्र नाथ दत्त था उन्होंने अमेरिका के शिकागो में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। जो आज भी राष्ट्रीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के यस्शवी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने पूरे विश्व में भारत मां का वैभव को स्थापित करने का कार्य किया है। आज भारत अंतर्राष्ट्रीय पटल पर धर्म निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक देश की छवि विश्व के क्षितिज पर उभरी है। उन्होनें आव्हान करते हुए कहा कि युवा नवपीढ़ी को संस्कारवान, ओजस्वी, तेजस्वी बनना होगा । चरेवेति-चरेवेति के साथ जब तक चलते रहे जब तक लक्ष्य को प्राप्त न कर ले। तभी आत्मनिर्भर भारत, समृद्द भारत की संकल्पना पूरी होगी।पूर्व जिलाध्यक्ष एड. हरीराम सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत के उन महापुरुषों में अग्रणी है जो युवाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय है वे भारतीय युवा प्रेरणा के प्रतीक पुरुष या आदर्श है। उनका तेजस्वी शरीर और संपूर्ण व्यक्तित्व इतना आकर्षक प्रभावी भव्य और उद्दात है कि बरबस की वह युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। जिला भाजपा के पूर्व मंत्री उमेश सिंह केवलारी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को ऐतिहासिक संदेश दिया था कि उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो। पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी भगतसिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी अनेक ऐसे विचार साहित्य दिया है जो युवाओं को ऐतिहासिक संदेश देता है उनमें प्रमुख विचार जागो, उठो जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो। उन्होने बताया कि स्वामी जी ने प्रेरक सूत्र से कहा कि पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है फिर उसका विरोध होता है अंत में उसे स्वीकार कर लिया जाता है। उन्होनें वासुदेव कुटुम्बकम का संदेश देकर पूरे विश्व को अपना परिवार मानकर भारत की संस्कृति का परिचय दिया था । कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गईप्रमुख रूप से सागर विधानसभा वरिष्ठ नेता रामकुमार साहू, जिला भाजपा के उपाध्यक्ष रामेश्वर नामदेव, सेवानिवृत्त इंजी. रमेश चौधरी, मनीष नेमा, विजय जड़िया, आदित्य सिंह राजपूत, राकेश तिवारी, सुनील साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक भाई बहिन उपस्थित थे।
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