: अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल, ट्यूबवेल को तत्काल चिन्हित कर बंद कराएं – कलेक्टर दीपक आर्य
Wed, Apr 17, 2024
खुले बोरवेल की सूचना देने की अपील– कलेक्टर दीपक आर्य
सागर I कलेक्टर दीपक आर्य ने मंगलवार को अनुपयोगी एवं खुले नलकूप/बोरवेल/ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के संबंध में समीक्षा लेकर निर्देश दिए कि भूमिगत स्त्रोतों से जल प्राप्त करने हेतु नलकूपों का खनन कार्य विभिन्न प्रयोजनों यथा सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक कार्यों हेतु विभिन्न विभागों/संस्थाओं / निजी व्यक्तियों द्वारा शासकीय/अशासकीय उपयोग हेतु किया जाता है। नलकूप खनन के कार्य में जिन नलकूपों में जल आवक क्षमता प्राप्त नहीं होती है,कम प्राप्त होती है, उन नलकूपों में से कतिपय नलकूपों को संबंधित खनन एजेंसी, ठेकेदारों, व्यक्तियों, संस्थाओं द्वारा सुरक्षित किए बिना खुला छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण इन नलकूपों में छोटे बच्चों के गिरने की दुर्घटनाओं , जनहानि होने के समाचार प्राप्त होते हैं। ऐसे सभी चिन्हित कर नलकूपों बोरों को तत्काल बंद कराए। कलेक्टर दीपक आर्य ने समस्त जिले वासियों से अपील की है कि जहां भी खुले बोरवेल हो उसकी सूचना संबंधित थाने या राजस्व अधिकारियों को तत्काल दें।नगरीय निकायों, जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों से संबंधित जन प्रतिनिधियों एवं अभियंताओं तथा अन्य शासकीय अमले को नलकूप खनन के पश्चात उसकी सुरक्षा एवं नलकूप के खुले होने की स्थिति में सुरक्षात्मक कार्यवाही के संबंध में समुचित प्रशिक्षण दिया जाए एवं ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में इस संबंध में पर्याप्त प्रचार प्रसार भी किया जाए। ग्रामसभाओं तथा नगरीय निकायों की बैठको में भी इसका प्रचार प्रसार किया जाए। कलेक्टर दीपक आर्य ने निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए पटवारी, सचिव सहायक ,सचिव सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा तीन दिवस मे पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। यदि इसके बाद भी कोई घटना होती है तो इसके लिए सम्बन्धित अधिकारी ज़िम्मेदार होगे।इस अवसर पर अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीसी शर्मा सहित समस्त एसडीएम, समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यालय अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
: मानव श्रृंखला बनाकर मतदान के लिए किया जागरूक
Wed, Apr 17, 2024
सागर I कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक आर्य के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ एवं जिला नोडल स्वीप अधिकारी पी.सी. शर्मा के मार्गदर्शन एवं डॉ संजीव दुबे प्राचार्य की उपस्थिति में शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में एनसीसी के ए.एन.ओ तथा प्राचार्यों के सेमीनार के पश्चात मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत मतदान करने की शपथ तथा मानव श्रृंखला बनाई गई।
स्वीप सहायक नोडल अधिकारी डॉ अमर कुमार जैन ने उपस्थित ए.एन.ओ एवं प्राचार्यों को लोकतंत्र में अपनी आस्था रखते हुये धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुये बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लगभग 60 प्राचार्य एवं ए.एन.ओ ने मतदाता जागरूकता की शपथ ली। कार्यक्रम का समन्वय ले. डॉ जयनारायण यादव ने किया। स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत जिले में मतदाता जागरूकता हेतु आयोग के निर्देश पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
: गुरु बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे न सार, रहे अज्ञानी - संत रामपाल जी महाराज
Mon, Apr 15, 2024
दिनांक 14 अप्रैल 2024 जिले के बैतूल तहसील भीमपुर के ग्राम झापल में, दिन रविवार को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन LCD द्वारा प्रसारित हुए। यह आध्यात्मिक ज्ञान श्रवण करने बहुत से श्रद्धालु सत्संग स्थल पर पहुंचे। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज ने बताया कि मनुष्य कितनी भी चतुराई करले, परंतु बिना सतगुरु के उसे मानव जीवन में मूल कर्तव्य क्या है? उसकी पहचान नहीं हो सकती है। क्योंकि मनुष्य लोकवेद- मनमानी मान्यताओं में इतना उलझा है कि वह स्वयं कभी नहीं सुलझ सकता है उस उलझन से।इसके लिए, आगे संत रामपाल जी महाराज ने प्रमाण बताते हुए कहा कि तत्वदर्शी संत हमें सर्व वेद-पुराणों का सार प्रमाण सहित समझा सकते हैं और वही सच्चे संत हमें मोक्षदायी भक्ति प्रदान कर, हमारा मनुष्य जीवन सफल कर सकते हैं।गुरु की शरण हमें परमात्मा कि कृपा सेप्राप्त होती है और सतगुरु द्वारा दी गई भक्ति ही हमारे पाप कर्म नष्ट कर हमें पूर्ण सुखी करती है। यदि हमें ईश्वर से मिलने वाले लाभ प्राप्त करने हैं तो केवल और केवल हमें सद्भक्ति करनी पड़ेगी अन्यथा जीवन बर्बाद है। गीता अध्याय 15 में पूर्ण तत्वज्ञानी के बारे में बताया है कि पूर्ण संतकी शरण में जाकर उनसे भक्ति साधना लेकर समझकर भक्ति प्रारम्भ करना ही हितकारी है। उपरोक्त कथन से सिद्ध है कि यदि शास्त्रविरुद्ध आराधनाएं करते है या बिना तत्वदर्शी संत के साधना करते हैं तो सब व्यर्थ है। गुरु बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भुस छड़े किसाना।। तीर्थ व्रत अरु सब पूजा, गुरु बिन दाता और न दूजा। धनवृद्धि और सुखशांति जो कि पूर्ण गुरु दीक्षा के रूप में मंत्र जाप करने को देते हैं जिससे लाभ व मोक्ष प्राप्ति होती है। इस मंत्र का भेद केवल तत्वदर्शी संत ही दीक्षा प्रदान करते समय बताते हैं। इस सत्संग कार्यक्रम में एकदिवसीय निःशुल्क नाम दीक्षा