: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई गई
Sun, Jul 7, 2024
जबलपुर। जनसंघ के संस्थापक एवं भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म जयंती पर जबलपुर लोकसभा के सांसद आशीष दुबे व भारतीय जनता पार्टी जबलपुर द्वारा महानगर अध्यक्ष प्रभात साहू के नेतृत्व में गुलौआ ताल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करके याद किया एवं देश की अखंडता एवं एकता के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।
भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने कहा कि कहा,आज हमारी भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म जयंती पर जबलपुर के सभी 956 बूथों पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कार्यक्रम के माध्यम से डॉ मुखर्जी के बलिदान को याद करने एवं उससे प्रेरणा लेने का कार्य भारतीय जनता पार्टी के द्वारा किया जा रहा है। भारतीय राजनीति और समाज में उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और समय से आगे की सोच के लिए जाना जाता है. उनके जीवन और कार्यों ने दिखाया कि वे न केवल अपने समय के मुद्दों को समझते थे, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का भी गहरा ज्ञान रखते थे.
उन्होंने कहा, ‘देश और समाज के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कितना नुकसान पहुंचा सकती है, इसको हमारे कई दार्शनिक समाजसेवियों ने दशकों पहले समझ लिया था. एक देश और एक विधान का मंत्र देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके लिए मिसाल पेश की. स्वतंत्र भारत की पहली सरकार ने तुष्टिकरण की नीति पर चलना शुरू किया तो डॉ. मुखर्जी ने कैबिनेट से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की आज केंद्र में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनी है और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों में देश की बागडोर है. इसके पीछे डॉ मुखर्जी की ही नीति और सोच है. आज उनका बलिदान दिवस है. हम और आप उन्हें अपने अपने तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे।
भाजपा महानगर प्रभात साहू ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और कार्य एक अद्वितीय उदाहरण है, जिसमें उन्होंने शिक्षा, राजनीति, और सामाजिक सुधार के विभिन्न मोर्चों पर उल्लेखनीय योगदान दिया. उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को एक प्रतिष्ठित बंगाली भद्रलोक परिवार में हुआ था, जो उस समय अपनी बौद्धिकता और सांस्कृतिक योगदान के लिए विख्यात था. मात्र 33 साल की उम्र में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कोलकता विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया. यह उनके ज्ञान, योग्यता और विद्वता का प्रमाण था. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विश्वविद्यालय में शैक्षिक सुधार किए, नई पाठ्यक्रम नीतियों को लागू किया और छात्रों के समय विकास पर जोर दिया.
राष्ट्र सेवा में स्वयं को समर्पित करने वाले मां भारती के अमर सपूत एवं जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र हित में किए गए कार्य एवं उनका आदर्श व्यक्तित्व हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा. राष्ट्र की अखंडता के लिए कंटकाकीर्ण मार्ग पर चलकर संगठन के एक-एक कार्यकर्ता को राष्ट्र प्रथम का मंत्र दिया. आज भाजपा के कार्यकर्ता वैभवशाली राष्ट्र निर्माण के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं. डॉ. मुखर्जी की विचारधारा में देश की एकता अखंडता, सांस्कृतिक उत्थान, देश के नागरिकों का आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक व राजनैतिक उत्थान समाहित हैं।
इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन,निगम अध्यक्ष रिंकु विज,रंजीत पटेल,पंकज दुबे,विनय अमलाथे,अजय तिवारी,विवेक अग्रवाल,शंकर विश्वकर्मा,चित्रकान्त शर्मा,अमित जैन,मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया,प्रिया संजय तिवारी,रवि साहू,कमल सोनी,मीना कुशवाहा,सविता नामदेव,संजय केशरवानी,पूजा श्रीराम पटेल,राहुल श्रीवास्तव,राधवेंद्र यादव,जीतू कटारे,जय यादव,दीनानाथ पाठक,रिंकु जैन,शुभम् अवस्थी पार्षदगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
: ‘टूरिज्म एसेट बैंक’ के लिए उपलब्ध कराएं जानकारी: एडीएम एवं नोडल उपाध्याय
Sun, Jul 7, 2024
सागर I वर्ल्ड हेरीटेज कमेटी की बैठक के संबंध में टूरिज्म एसेट बैंक के लिए जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् के अंतर्गत विभागों एवं संबंधितों से जानकारी मांगी है। उक्त संबंध में अपर कलेक्टर एवं जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल रुपेश उपाध्याय ने संबंधितों को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि, भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा राज्य की सांस्कृतिक, अमूर्त-मूर्त विरासत, कला-शिल्प, त्यौहार, प्रमुख पर्यटन, आकर्षणों, पर्यटकों की रूचि बाली सामग्री (आर्ट एन्ड क्राफ्ट) को विकसित करने पर्यटन स्थलों से संबंधित कहानियों आदि पर चर्चा के लिये राज्यो की उक्त गतिविधियों और अनुभवों का प्रचार-प्रसार करने, पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से टूरिज्म एसेट बैंक के लिए निर्धारित प्रारूप अनुसार 17 श्रेणियों के आधार पर तैयार किया जाना है।
इन 17 श्रेणियों के आधार पर प्राचीन, ऐतिहासिक, पुरातात्थिक, प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, शिक्षा व साहित्यिक, हेन्डी क्राफ्ट, हेन्डलूम, भाषा एवं साहित्यिक तथा अन्य पर्यटन स्थल से संबंधित जानकारी निम्न विभागों और संस्थाओं से अपेक्षित है। जिसमें वनमंडल अधिकारी, बनमंडल उत्तर सागर, वनमंडल अधिकारी, वनमंडल दक्षिण सागर, वनमंडल अधिकारी, रानी दुर्गावती नेशनल पार्क सागर, रजिस्ट्रर, डॉ. हरीसिंग गौर विश्व विद्यालय सागर,आयुक्त नगर निगम जिला सागर, अधीक्षण पुरात्तत्त्वविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जबलपुर मंडल जे.डी.ए. योजना क्रमांक 18, ब्लॉक 9 वाई विंग, तृतीय तल, सिविक सेंटर, जबलपुर म.प्र.,उपसंचालक, मध्य प्रदेश पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय उत्तरीय क्षेत्र गुजरी महल ग्वालियर म.प्र., महन्त एवं मुख्य ट्रस्टी वृन्दावन बाग संस्थान न्यास सागर, डॉ. सरोज गुप्ता, अध्यक्ष बदेलखण्ड विश्वकोश सागर, दामोदर अग्नीहोत्री (सत्यम कला सांस्कृतिक संग्रहालय) अहमद नगर वृन्दावन बाग, सागर तथा सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) शामिल हैं।
: सागर ड्रीम्स प्लेटफार्म के जरिए सागर के गायक दें सकेंगे प्रस्तुति
Sat, Jul 6, 2024
सागर I सागर के गायकों के लिए जिला टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल (डीटीपीसी) अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा मौका देने जा रही है। एडीएम (एवं नोडल डीटीपीसी) रुपेश उपाध्याय ने बताया कि सागर ड्रीम्स प्लेटफार्म के जरिए सागर के गायक अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद जो प्रतिभागी स्क्रीनिंग राउंड में चयनित किए जाएंगे वे अंतिम चरण में अपनी प्रस्तुति दें सकेंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सागर के ऐसे गायकों को मौका देना है जो गायकी का अनुभव और शौक तो रखते हैं परंतु उन्हें एक बेहतर प्लेटफार्म न मिलने के कारण वे अपनी प्रस्तुति नहीं दे पाते और अपनी कला को प्रदर्शित नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि सागर ड्रीम्स ऐसे ही कलाकारों के लिए बनाया जा रहा एक प्लेटफार्म साबित होगा जिसमें कलाकार गायन की विभिन्न विधाएं जैसे क्लासिकल, सेमी क्लासिकल , लाइट , फोक म्यूजिक के गायक प्रस्तुति दे पाएंगे। उक्त संबंध में एडीएम रुपेश उपाध्याय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सागर के विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय और होटल संचालकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई।
12 जुलाई को होगा मेघ मल्हार कार्यक्रम
बैठक में जिला टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के अंतर्गत वर्तमान में किए जा रहे और भविष्य में किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, कार्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सागर ड्रीम्स के अंतर्गत 12 जुलाई 2024 को होने जा रहे पहले परफॉर्मिंग इवेंट पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें सभी संचालकों ने अपनी सहमति देते हुए कहा कि यह संपूर्ण सागर वासियों के लिए हर्ष का विषय है, जब सागर की संस्कृति, यहां के पर्यटन, पुरातत्व और कला को देश के टूरिज्म मैप पर लाने और लोगों तक इसके बारे में जानकारी पहुंचाने जैसा महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। सभी संचालकों ने सहयोग करने के लिए सहर्ष सहमति प्रदान की। बैठक में सागर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और होटल के संचालक/ प्रबंधन के व्यक्ति मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि सागर ड्रीम्स के अंतर्गत हर 15 दिन में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जो विभिन्न थीम पर आधारित होगा। इसकी शुरुआत मेघ मल्हार कार्यक्रम से की जा रही है। एडीएम उपाध्याय ने बताया कि लगातार 6 म्यूजिकल परफॉर्मिंग इवेंट में परफॉर्मेंस देने वाले सिंगर को स्टार परफॉर्मर अवार्ड से सम्मानित भी किया जाएगा। सागर ड्रीम्स प्लेटफार्म के अंतर्गत इच्छुक गायक 83059 81520/ 7000438382 / 8770617263 नंबर पर अधिक जानकारी ले सकते हैं।