: चीन ने गगनचुंबी इमारतों पर लगाया प्रतिबंध, सुरक्षा को लेकर उठाया ये कदम
Thu, Jul 8, 2021
चीन अब अपने आपको नई सुपरपावर कहता है और इसने पिछले दो दशकों में बेहद तेज गति से तरक्की की है।अपने विकास के पथ पर चीन ने सब्स ज्यादा जोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया जिससे लोगों को बेहतर जगह मिली रहने के लिए और विदेशी कंपनियों को अपनी मैन्युफैक्चरिंग के लिए बेहतर वातावरण।चीन ने पिछले दो दशकों में बहुत सारी गगनचुंबी इमारतें बना दी।अब भले ही चीन ने हर क्षेत्र में विकड कर लिया हो और चीन ने ज्यादा ध्यान संख्या पे दिया न कि गुणवत्ता पे।शायद यही कारण है कि दुनियाभर में मेड इन चाइना अपनी खराब गुणवत्ता के मशहूर है।अब चीन ने अपनी खराब गुणवत्ता के कारण ऊंची इमारतों पर प्रतिबंध लग दिया है।
कई गगनचुंबी इमारतों के हिलने की खबर आ चुकी है सामने
चीन ने ऐसे ही नही ऊंची इमारतों ओर प्रतिबंध लगाया है।दरअसल इसके पीछे का कारण है इमारतों को खराब हालत।आपको बता दें कि कई बार चीन से ऐसी खबरें सामने आ चुकी है कि इमारतें अपने आप हिलने लगती है।अभी मई में ही चीन के शेनझेन में एक 72 मंजिला इमारत के अचानक हिलने के कारण उसको बन्द कर दिया गया।जाहिर है ऐसी ऊंची इमारतों में कई लोग कम करते हैं व कई बड़ी बड़ी कंपनियों के आफिस होते है ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जान माल का भारी नुकसान हो सकता है।
दुनिया में सबसे ज्यादा गगनचुंबी इमारतें चीन में
जैसा कि हमने आपको पहले बताया पिछले दो दशकों में चीन से सबसे ज्यादा ध्यान अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया।इसलिए चीन में दुनिया मे सबसे ज्यादा स्काईस्क्रैपर्स(
Skyscrapers
) यानी गगनचुंबी इमारतें है।चीन में करीब 1400 से भी ज्यादा स्काईस्क्रैपर्स हैं और दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत शंघाई टावर भी चीन में है।लेकिन बात फिर वहीं क्वालिटी ओवर क्वांटिटी पर आ जाती है।चीन सिर्फ क्वांटिटी ओर ध्यान देता है ना कि क्वालिटी ओर इसलिए शायद अब चीन अपने यहाँ कई इमारतों को बंद कर रहा है तो वही भविष्य में ऐसी इमारतों को ना बनाने का फैसला ले रहा है।
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: तेल के सौदागरों में छिड़ी जंग,Saudi और UAE के बीच तेल को लेकर बढ़ा तनाव
Thu, Jul 8, 2021
तेल की कीमतों ने आधी दुनिया को वैसे ही परेशान करके रखा था और हर बार की तरह लग रहा था कि कुछ वक्त बाद तेल के दामों में गिरावट देखी जाएगी लेकिन अब दूर दूर तक तेल के दामों में गिरावट की कोई उम्मीद नही है।तेल की कीमतों में लगी आग से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत भी है और इसका कारण है भारत के दो दोस्तों में छिड़ी जंग।जी हां इस वक्त भारत के दो दोस्त Saudi और UAE के बीच तेल को लेकर जंग छिड़ी हुई है।
तेल के प्रोडक्शन को लेकर Saudi और UAE में बढ़ा तनाव
Saudi और UAE तेल के सबसे बड़े सौदागर हैं और OPEC+ के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य भी अब तेल निर्यातक देशों के समूह OPEC+ में तेल की प्रोडक्शन को लेकर जंग छिड़ी हुई है जिसमे एक तरफ सऊदी का गुट है तो दूसरी तरफ यू ए ई का।इन दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है जिससे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देशों जैसे भारत पर गंभीर असर पड़ेगा।
जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि सारा विवाद तेल के प्रोडक्शन को लेकर है।अब सऊदी अरब ने प्रस्ताव रखा है को तेल का उत्पादन 2022 तक न बढ़ाया जाए जबकि यू ए ई इस प्रस्ताव के विरोध में है।बताते चलें कि सऊदी अरब के तेल उत्पादन न बढ़ाने से ही कच्चे तेल के दामों में आग लगी हुई है।
विवाद का असर दिखने लगा तेल की कीमतों पर
Saudi और UAE दोनों ही देश तेल के बड़े सौदागर है और दुनियाभर के कई देश इनसे तेल आयात करते हैं।साथ ही दोनों हो देश मुस्लिम देशों समेत तेल निर्यातक देशों के समूह यानी ओपेक प्लस
OPEC+
में गहरा प्रभाव रखते हैं।ऐसें में दोनों देशों के बीच विवाद का असर तेल की कीमतों ओर न पड़े ऐसा होना नामुमकिन है।इस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 77 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गया है जो को 2018 के बाद से सर्वाधिक है और यदि इन दोनों देशों के बीच विबाद नही सुलझा तो कीमतों में और उछाल देखा जाएगा।
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: जर्मनी ने भारत को रेड जोन लिस्ट से हटाया,यात्रा प्रतिबंध में मिलेगी छूट
Wed, Jul 7, 2021
कोरोना महामारी ने भारत में जो कोहराम मचाया था उससे पूरी दुनिया हैरत में पड़ गयी थी।डेल्टा वैरिएंट(
Delta Variant
) जिसने भारत मे भीषण तभाही मचाई व हज़ारो लोगों की जान ले उससे पूरी दुनिया डरी हुई थी और कोई भी देश नही चाहता था कि ये डेल्टा वैरिएंट उनके देश में आये।इसी वजह से कई देशों ने अप्रैल में जब कोरोना भारत मे पीक पर था तब भारत पे यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था यानी भारत से कोई भी यात्री उनके देश मे नही आ सकेगा।लेकिन जैसे जैसे भारत मे दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी वैक्सीनेशन बढ़ने लगा देशों ने भारत पर से यात्रा प्रतिबंध हटाना शुरू कर दिया।अब जर्मनी ने भी भारत को रेड जोन सूची से बाहर निकालते हुए भारत पर लगे यात्रा प्रतिबंध में ढील दे दी है।
भारतीयों को होगा फायदा
जर्मनी के इस फैसले से भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी।अब कोई भी भारतीय जिसके पास कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट होगी वो जर्मनी में यात्रा कर सकेगा।हालांकि उसको 10 दिन के लिए क्वारंटाइन रहना पड़ेगा।लेकिन जर्मनी के इस फैसले से भारतीय छात्रों को व कारोबारियों के बीच खुशी का माहौल है।बता दें कि जर्मनी ने या रियायत भारत समेत पाँच देशों को दी है जिसमे पुर्तगाल,नेपाल,रूस व ब्रिटेन शामिल हैं।
वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवाने वाले यात्रियों को जर्मनी में मिलेगी पूरी आजादी
जर्मनी के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि जिन यात्रियों ने वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा ली होंगी उनको पूरी आजादी मिलेगी यानी न उनकी कोई जांच होगी और न ही उन्हें क्वारंटाइन रहना पड़ेगा।
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