: Assam news-CM पद की शपथ से पहले कामाख्या मंदिर पहुचे,हिमंत बिस्वा सरमा
Mon, May 10, 2021
Assam news-रविवार को नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्वा सरमा सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल के नेता चुन लिए गए। इसके बाद वे असम की अगली एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। सरमा असम के 15 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। साथ ही 13 अन्य मंत्रियों को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। सरमा और अन्य मंत्री आज 11:30 बजे श्रीमंत शंकरदेवा कलाक्षेत्र में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेंगे। इससे पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने आज डोल गोबिंदा मंदिर और कामाख्या मंदिर का दौरा किया।
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गौरतलब है कि असम के नए मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसके गठबंधन सहयोगी असोम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के मंत्री होंगे। बता दें कि विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ही हिमंत का नाम आगे बढ़ाया था।
Assam (असम) के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व कांग्रेसी रहे हैं और असम तीसरा राज्य होगा, जहां वर्तमान समय में सरकार तो बीजेपी की है, लेकिन उनके मुख्यमंत्री वो है जो कभी कांग्रेस के रहे हैं। असम के अलावा, अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू और मणिपुर में एन बीरेन सिंह भी कांग्रेस में रह चुके हैं और कुछ सालों पहले ही उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह साल 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले वे कांग्रेस के सदस्य थे।
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: कोरोना की 3 लहर ओर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजनीति।
Sat, May 8, 2021
कोरोना की 3 लहर ओर दूसरी लहर का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा हे और ऐसी बीच केंद्र सरकार व कई कांग्रेस और अन्य पार्टी शासित राज्यों में समन्वय की कमी भी साफ खटक रही है। इन राज्यों खासकर कांग्रेस शासित और केंद्र के बीच तालमेल न होने से चिकित्सीय सुविधाओं के लिए मुश्किलें बढ़ी है और एक समग्र नीति पर काम करना मुश्किल लग रहा है। इससे राजनीतिक खटास भी बढ़ी है। ऐसा लग रहा है कि विपक्ष इस संकट के घड़ी में भी केंद्र को घेरने में कोई चूक नहीं छोड़ना चाहते हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन कॉल को लेकर उनपर कटाक्ष किया। लेकिन इसके पहले भी कई अन्य घटनाएं टकराव की ओर साफ इशारा करती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बैठक का लाइव प्रसारण करने को लेकर तल्खी नजर आई थी। प्रधानमंत्री की आपत्ति पर केजरीवाल ने खेद जता दिया था। लेकिन ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र और राज्य पटरी पर नजर नहीं आये। अंततः हाई कोर्ट को दखल देना पड़ा।
उधर कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने उद्धव ठाकरे द्वारा कथित तौर पर प्रधानमंत्री को किये गए फोन कॉल पर जवाब न मिलने का आरोप लगाया था। इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्य टीकाकरण को लेकर केंद्र को लगातार घेर रहे हैं।
कोरोना की भयावह स्थिति पर प्रधानमंत्री की नजर
केंद्र और राज्य सभी अपने तरह से कोरोना महामारी को रोकने का हर संभव प्रयास कर रहें हैं प्रधान मंत्री खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वे लगातार बैठकें कर रहे हैं। लेकिन कहीं न कहीं ऐसा भी प्रतीत होता है कि जिम्मेदारियां एक-दूसरे पर डालने की कोशिश की जा रही हैं। इतना हीं नहीं, विदेशों से बड़ी संख्या में मदद स्थिति को संभालने के लिये मंगाई गई है। लेकिन राज्य इस मदद के समान वितरण को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
कोरोना संकट का अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का कहना हे की केंद्र सरकार के सामने कोविड संकट पर नियंत्रण की चुनौती है। क्योंकि इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई है। साथ ही इस संकट का असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विदेशी मदद और देश में चल रहे प्रयास से स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन माना जा रहा है कि राज्यों में भरोसा पैदा करने के लिए केंद्र सरकार को कोविड की पहली लहर के दौरान अपनाई गई समग्र रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड संकट से निपटने के लिए राज्यों को केंद्र का सहयोग चाहिए। राज्यों को भी केंद्र द्वारा सुझाये गए मॉडल और उपायों की अनदेखी नही करनी चाहिए। क्योंकि ये राष्ट्रीय संकट है।
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: Breaking news-AIIMS में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का कोरोना से निधन
Fri, May 7, 2021
Breaking news-अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन उर्फ़ सदाशिव का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना संक्रमण के चलते 62 वर्ष के उम्र में निधन हो गया
बता दें कि छोटा राजन उर्फ़ सदाशिव तिहाड़ जेल परिसर की जेल नंबर 2 के अति सुरक्षित वार्ड में रखा गया था.छोटा राजन को विभिन्न आपराधिक मामलों में 10 साल तक की सजा भी हो चुकी है. ध्यान रहे छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम कभी एक ही गिरोह में हुआ करते थे लेकिन दाऊद की भारत विरोधी शक्तियों के साथ मिलने के बाद छोटा राजन उससे अलग हो गया था इसके बाद बैंकॉक में दाऊद के आदमियों ने छोटा राजन पर हमला भी किया था जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके पेट की एक महत्वपूर्ण आंत को खासा नुकसान पहुंचा था.
इसके बाद छोटा राजन को सीबीआई द्वारा जारी कराए गए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर मलेशिया में गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे भारत डिपोर्ट करके लाया गया था. भारत लाए जाने के बाद भी सुरक्षा कारणों के चलते उसे मुंबई की जेलों में नहीं रखा गया क्योंकि यह आशंका थी कि दाऊद समर्थित ग्रुप उसके खिलाफ षड्यंत्र रच सकते हैं और मुंबई की जेल में उस पर हमला हो सकता है. इस आशंका के मद्देनजर छोटा राजन को सभी मामलों की सजा भुगतने के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था.