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: पार्किनसन्स (कंपनवात) क्या है कैसे होता है लक्षण और उपचार डॉक्टर कुशल द्विवेदी

admin

Wed, Jun 25, 2025

पारकिंसन - एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जो मुख्यता 55 या 60 वर्ष के अधिक आयु के लोगों में और विशेषता महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होती है और कभी कभी ये बीमारी 40 से 50 वर्ष के लोगों के बीच में देखी जा सकती है


कारण यह मध्य मस्तिष्क में स्थित सब्सटेंसिया नाइग्रा नामक स्थान की तंत्रिका कोशिकाओं (नर्व सेल) के क्षतिग्रस्त होने से या पूर्णतया नष्ट होने की वजह से होती है जिससे मस्तिष्क में स्थित डोपामिन हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है डोपामिन हार्मोन शरीर के मूवमेंट को नियंत्रण करने का काम करता है डोपामिन की कमी से ही पार्किनसन्स के लक्षण भी जिम्मेदार होता है
लक्षण - हाथ और पैरों में और हाथ पैरों की उंगलियों में अनिच्छिक रूप से कपकपाहट मांसपेशियों में अकड़न शरीर की गतिविधियों में धीमापन ब्रेडिकेनिशिया इसके अलावा नॉन मोटर न्यूरॉन जैसे अवसाद दिन में अनिद्रापन निगलने में कठिनाई (डिसफेसिया) कब्ज हाइपोटेंशन,मल मूत्र का पता न चल पाना ,अत्यधिक पसीना , डिहाइड्रेशन आदि


उपचार - वर्तमान में इस बीमारी का कोई उपचार नहीं है हालांकि लक्षणों को हालांकि लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कई उपचार उपलब्ध हैं जिसमें दवाइयां अपने न्यूरोफिजिशियन की सलाह से लेवोडोपा,डोपामिन , मनोआमाइन ऑक्सीडेज बी इन्हीबिटर आदि दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं पार्किनसन्स के लिए तीन तरह की सर्जरी भी हो सकती है जिसमें पहली है पॉलीडेटमी दूसरी है थैलोंमेटॉमी और तीसरी है डीप ब्रेन स्टेम्यूलेशन (डी बी एस) इसके अलावा फिजियोथेरेपी उपचार में - फिजियोथेरेपी की मदद से पारकिंसन के मरीज की जीवन शैली में सुधार करके एवं कुछ एक्सरसाइज से मरीज सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है फिजियोथेरेपी का मुख्य उद्देश्य मरीज की शारीरिक और मानसिक स्थिति में सुधार करना होता है जिसमें मुख्य रूप में कुछ एक्सरसाइज योग्य फिजियोथेरेपिस्ट को मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए स्ट्रैचिंग और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करना चाहिए इसके अलावा फेफड़ों की मजबूती के लिए डीप ब्रिथिंग एक्सरसाइज और स्पिरोमीटर एक्सरसाइज करवा सकते हैं ।इसके अलावा फ्रेंकल एक्सरसाइज,गेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज और बैलेंसिंग एक्सरसाइज इसके अलावा मल मूत्र रोकने के लिए स्प्रिंक्टर एक्सरसाइज किसी योग्य फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में होनी चाहिए ।


डॉक्टर कुशल द्विवेदी
फिजियोथेरेपिस्ट, एंड कपिंग थेरेपिस्ट

संचालक - राधिका फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बंगाली मोहाल कानपुर

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