: Weather Alert:भीषण गर्मी का अलर्ट, जानें मानसून कब देगा दस्तक
Wed, May 15, 2024
देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी ने अपना भीषण रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत देश के उत्तर पश्चिमी भाग में भीषण गर्मी का मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है।
मानसून दस्तक समय से पहले
समुद्री गतिविधियां इशारा कर रही हैं कि इस सीजन में मानसून झूमकर बरसेगा। इसके साथ ही मौसम विभाग के मुताबिक अबकी बार मानसून समय से पहले भी दस्तक देगा। ऐसे में उत्तर प्रदेश में मानसून 18 से 20 जून के आसपास बारिश करना शुरु देगा। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 मई को मॉनसून के अंडमान निकोबार में पहुंचने की संभावना है। उसके बाद मॉनसून देश के अन्य हिस्सों की तरफ बढ़ेगा। हालांकि हर साल अंडमान निकोबार में मॉनसून 22 मई तक आता है, लेकिन इस साल ये तीन दिन पहले ही दस्तक दे सकता है। वहीं देश में अल नीनो प्रणाली कमजोर हो रही है और मानसून के लिए अनुकूल ला नीना स्थितियां सक्रिय हो रही हैं। यही नहीं इस सीजन में मानसून सामान्य से अधिक बारिश करेगा ऐसे संकेत मिल रहे हैं। रही बात उत्तर प्रदेश की तो 15 से 20 जून के बीच मानसून आ जाएगा और झमाझम बारिश करेगा।
: अगले 5 दिनों तक देश के पूर्वी हिस्से में लू का प्रकोप
Tue, Apr 23, 2024
मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों तक देश के पूर्वी हिस्से में लू का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भीतरी कर्नाटक, ओडिसा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी तेज गर्मी पडने की आशंका जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा में 15 अप्रैल से और पश्चिम बंगाल में गंगा के किनारे वाले इलाकों में 17 अप्रैल से लू की स्थिति बनी हुई है। एमडी ने एक बयान में कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों में लू की गंभीर स्थिति की आशंका है।
मौसम विभाग
के अनुसार,
नमी बढ़ने से तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल और बिहार के लोगों को असुविधा हो सकती है एवं पूर्वी मध्य प्रदेश में रात का तापमान काफी अधिक रहने की आशंका है।
: भारतीय नौसेना ने 'पूर्वी लहर' अभ्यास का संचालन किया
Sun, Apr 21, 2024
भारतीय नौसेना ने शनिवार को
समुद्र-तट पर पूर्वी लहर
अभ्यास आयोजित किया।
भारतीय नौसेना ने फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान के परिचालन नियंत्रण के तहत पूर्वी समुद्र-तट पर पूर्वी लहर अभ्यास का संचालन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के क्रम में भारतीय नौसेना की तैयारियों के मूल्यांकन की दिशा में प्रक्रियाओं का सत्यापन करना था।
इस अभ्यास में जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों ने भाग लिया। एक्सपीओएल को कई चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें सामरिक चरण के दौरान वास्तविक परिदृश्य में युद्ध प्रशिक्षण और हथियार चरण के दौरान लक्ष्य तक आयुध पहुंचाने की भारतीय नौसेना की क्षमता की पुष्टि के लिए विभिन्न फायरिंग का सफल संचालन आदि शामिल थे। विभिन्न स्थानों से विमानों के परिचालन के साथ, अभ्यास के पूरे क्षेत्र में निरंतर समुद्री क्षेत्र जागरूकता बनाए रखी गई। पूर्वी नौसेना कमान की परिसंपत्तियों के अलावा, इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना, अंडमान और निकोबार कमान और तटरक्षक बल की परिसंपत्तियों को भी शामिल किया गया था, जो सेनाओं के बीच बहुत उच्च स्तर की अंतरसंचालनीयता का संकेत देती है।
अभ्यास के दौरान भाग लेने वाले बलों ने वास्तविक परिस्थितियों में मूल्यवान सबक सीखे, जिससे क्षेत्र में समुद्री चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने की उनकी तैयारी और बेहतर हुई।
एक्सपीओएल 2024 का सफल समापन, समुद्री क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के प्रति भारतीय नौसेना के संकल्प की पुष्टि करता है।