: 17 दिन बाद उत्तरकाशी सिल्क्यारा सुरंग से सुरक्षित निकाले गए सभी 41 श्रमवीर
Wed, Nov 29, 2023
एमपी न्यूज लाइव नई दिल्ली
। सरकार जीवन बचाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में चल रहे बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से लगी रही, जहां 41 श्रमिक फंसे हुए थे। आज रात्रि 8:00 बजे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए गया है सभी पूर्ण रूप से स्वस्थ है सुरंग के अंदर 2 किलोमीटर के खंड में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंक्रीट का काम पूरा हो चुका था। सुरंग का यह खंड बचाव प्रयासों का केंद्र बिंदु रहा।
श्रमिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां प्रत्येक निर्दिष्ट विशिष्ट कार्य के लिए अथक प्रयास किया। बचाव अभियान पर सलाह देने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ घटनास्थल पर उपस्थित रहे। सरकार ने फंसे हुए लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए लगातार उनके साथ संपर्क बनाए रखा ।
12 नवंबर 2023 को सिल्कयारा से बरकोट तक निर्माणाधीन सुरंग में सिल्कयारा की तरफ 60 मीटर हिस्से में मलबा गिरने से सुरंग ढह गई। फंसे हुए 41 मजदूरों को बचाने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा तत्काल संसाधन जुटाए गए थे।
शुरूआत में सुरक्षा चिंताओं के कारण मलबे के माध्यम से 900 मिली मीटर के पाइप का चयन करने के साथ एक साथ कई बचाव विकल्पों की खोज हुई। फंसाने का क्षेत्र, जिसकी ऊंचाई 8.5 मीटर और लंबाई 2 किलोमीटर है, सुरंग का निर्मित हिस्सा है, जो उपलब्ध बिजली और पानी की आपूर्ति के साथ मजदूरों को सुरक्षा प्रदान करता है।
पांच एजेंसियों-तेल और प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल), राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और टिहरी हाइड्रो विकास निगम लिमिटेड (टीएचडीसीएल) को विशिष्ट दायित्व सौंपा गया है। ये एजेंसियां परिचालन दक्षता के लिए सामयिक कार्य समायोजन के साथ मिलकर काम कर रही थी।
https://youtube.com/shorts/obuCtgtTCxY?feature=shared
बचाव कार्यों पर प्रमुख अपडेट:
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के जीवनरक्षक प्रयास:
दूसरी जीवन रेखा (150 मिली मीटर व्यास) सेवा का उपयोग करके नियमित अंतराल पर सुरंग के अंदर ताजा पका हुआ भोजन और ताजे फल पहुंचाए जा रहे हैं।
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) द्वारा मानक कार्यबल के साथ वीडियो संचार तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा डायरेक्ट लाइन संचार स्थापित किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा क्षैतिज बोरिंग
22.11.2023 को 0045 बजे शुरू हुई ऑगर खुदाई पाइप के सामने धातु की वस्तु (लैटिस गर्डर रिब) आ जाने के कारण रुक गई थी और पाइप को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। गैस कटर का उपयोग करके धातु की वस्तु (लैटिस गर्डर रिब) को काटने का काम शुरू किया गया और 23.11.2023 को 0230 बजे तक यह कार्य पूरा किया गया। 9वें पाइप को फिर से धकेलना शुरू किया गया और अतिरिक्त 1.8 मीटर की दूरी तक पहुंचा दिया गया। इस दौरान मामूली कंपन नोट किया गया था, इसलिए लागू किए जाने वाले बल का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए ऑगर को थोड़ा पीछे धकेल दिया गया था। इस दौरान रुकावटें देखी गईं।
सुरंग के अस्तर से फोरपोल (पाइप) का एक मोड़ वाला हिस्सा बरमा असेंबली में टकरा गया था जिससे कंपन हुआ।
कंक्रीट को तेजी से सख्त करने के लिए एक्सेलेरेटिंग एजेंट का उपयोग करके ऑगर मशीन के लिए प्लेटफॉर्म को मजबूत किया गया, जिसके बाद प्लेटफॉर्म की एंकरिंग और बोल्टिंग की गई।
24.11.2023 को 1625 बजे 10वें पाइप (4.7 मीटर लंबाई) को धकेलना शुरू किया गया और 24.11.2023 को 1750 बजे तक 2.2 मीटर की लंबाई डाली गई, जिसके परिणामस्वरूप कुल 46.9 मीटर की की दूरी पूरी कर ली गई।
10वें पाइप को धकेलने के दौरान कुछ और रुकावट देखी गई और पाइप को धकेलना बंद करना पड़ा।
वेल्डरों द्वारा दृश्य निरीक्षण के बाद यह पाया गया कि ऑगुर का कटर जाली गर्डर बार से उलझ गया है, जिससे 800 मिली मीटर मार्ग वाले पाइप की 1.5 मीटर लंबाई क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा, इन जालीदार पट्टियों को काटने का काम चल रहा है। इसके बाद, पाइपों को धकेलने के बाद मैन्युअल खुदाई शुरू की गई।
अब तक कुल 58 मीटर पाइप को आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त की जा चुकी है।
परिचालन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सिल्क्यारा की ओर सुरंग के सामने से सुरंग निकास की ओर फाल्स रिब्स का निर्माण (सीएच 194.50 से सीएच 184.50) – रिब्स का निर्माण 25.11.023 को शाम 1950 बजे शुरू हुआ। रिपोर्टिंग के समय तक कुल 8 रिब्स का निर्माण पूरा हो चुका है।
सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) द्वारा बचाव के लिए लंबवत खुदाई (1.0 मीटर व्यास):
ड्रिलिंग मशीनरी साइट पर पहुंच गई है।
ड्रिलिंग मशीन को स्थापित करने के लिए प्लेटफार्म तैयार हो चुका है।
सुरंग के ऊपर ड्रिलिंग प्वाइंट की मार्किंग को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) और तेल एवं प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के साथ चर्चा के बाद सीएच 300 एल/एस में अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुख्य मशीन ड्रिलिंग स्थल पर पहुंच गई। सुरंग पोर्टल से ड्रिलिंग स्थल तक मशीन की ड्रिलिंग रिग पहुंचा दी गई है। 26.11.2023 को 1205 बजे ड्रिलिंग शुरू हुई और रिपोर्टिंग के समय 30.80 मीटर की पहुँच हासिल कर ली गई है।
खुदाई का कार्य शुरू हो गया है और रिपोर्टिंग के समय 45 मीटर की की खुदाई पूरी कर ली गई है।
टिहरी हाइड्रो विकास निगम लिमिटेड (टीएचडीसीएल) द्वारा बड़कोट साइड से क्षैतिज खुदाई :
टिहरी हाइड्रो विकास निगम लिमिटेड (टीएचडीसी) ने बड़कोट छोर से एक बचाव सुरंग का निर्माण शुरू कर दिया है।
साठवाँ विस्फोट 28.11.2023 को प्रातः 05:00 बजे किया गया।
बहाव की कुल निष्पादित लंबाई 13.20 मीटर है। इसके अलावा मलबा निकालने का कार्य भी जारी है।
18 रिब्स का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा लंबवत–क्षैतिज खुदाई :
मजदूरों को बचाने के लिए क्षैतिज खुदाई के लिए आवश्यक माइक्रो टनलिंग के उपकरण नासिक और दिल्ली से घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।
प्लेटफार्म बनाने का काम पूरा हो गया है। सुदृढीकरण एवं कंक्रीटिंग का कार्य प्रगति पर है।
सिल्क्यारा छोर पर रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा लंबवत खुदाई (8 इंच व्यास):
1150 मीटर का संपर्क मार्ग सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा पूरा कर रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंप दिया गया है। ड्रिलिंग के लिए मशीन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा स्थान पर खींच कर पहुंचाई गई है।
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है।
लंबवत खुदाई के लिए प्लेटफार्म का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
26.11.2023 को सवेरे 0400 बजे खुदाई शुरू हुई और 72 मीटर की खुदाई का कार्य पूरा हो गया।
तेल एवं प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा बड़कोट छोर की ओर लंबवत खुदाई (24 इंच व्यास)
तेल एवं प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की खुदाई टीम ने 20.11.2023 को घटना स्थल का दौरा किया।
इंदौर से एयर ड्रिलिंग रिग घटना स्थल पर पहुंच गया है।
तेल एवं प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा जुटाई गई एयर हैमर ड्रिलिंग रिग की सभी संबंधित सामग्री ऋषिकेश में स्टैंडबाय में है क्योंकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा ड्रिलिंग के लिए रिग लगाने के लिए स्थान और सड़क तैयार की जा रही है।
टिहरी हाइड्रो विकास निगम लिमिटेड (टीएचडीसीएल)/सेना/कोल इंडिया और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की संयुक्त टीम द्वारा मैनुअल–सेमी मैकेनाइज्ड विधि द्वारा ड्रिफ्ट टनल:
ड्रिफ्ट डिज़ाइन पूरा कर लिया गया (1.2 मीटर X 1.5 मीटर अनुभाग)
घटना स्थल पर सामग्री उपलब्ध है।
दिनांक 21.11.2023 को सेना के वेल्डरों द्वारा निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
22 फ़्रेमों का निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा सड़क काटने का और अन्य सहायक कार्य:
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तेल और प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा किए गए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों के साथ तेल और प्रकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के लिए संपर्क मार्ग भी बना रहा है। 5000 मीटर में से अब तक 1050 मीटर के संपर्क मार्ग का निर्माण हो चुका है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़ाकू विमान तेजस में भरी उड़ान
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़ाकू विमान तेजस में भरी उड़ान
Sat, Nov 25, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की फैसिलिटी दोरे पर गए थे। इस बाबत पीएमओ की तरफ से सूचना भी दी गई थी। बता दें कि हल्के लड़ाकू विमान तेजस स्वदेशी है। बता दें कि तेजस लड़ाकू विमान को खरीदने में कई देशों ने रूची दिखाई है। अमेरिकी रक्षा दिग्गज जीई एयरोस्पेस ने पीएम मोदी की यात्रा के दौरान एमके-2-तेजस के लिए संयुक्त रूप से इंजन उत्पादन करने के लिए एचएएल के साथ एक डील भी किया था।
https://youtu.be/0uq65h2lQUA?feature=shared
पीएम मोदी ने किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उड़ान की तस्वीरों को भी साझा किया है। इन तस्वीरों में पीएम मोदी एयरफोर्स पाइलट की वर्दी में दिख रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'मैं आज तेजस में उड़ान भरते हुए अत्यंत गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं। भारतीय वायुसेना, DRDO और HAL के साथ ही समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।' बता दें कि इस साल अप्रैल महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत का रक्षा निर्यात 15,920 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे देश के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि बताई थी।
https://twitter.com/narendramodi/status/1728309121060090253?t=vyWS6NlGo-g-GaAi7p7uDQ&s=19
तेजस की क्या है खासियत?
तेजस की खासियतों की बात करें तो तेजस एक स्वदेशी लाइट कॉम्बैट लड़ाकू विमान है। यह सालभर किसी भी मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है। इस विमान में दो पायलट सीट है। इसे LiFT यानी लीड-इन फाइटर ट्रेनर कहते हैं। इस एयरक्राफ्ट को ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट भी कहते हैं। क्योंकि जररूत पड़ने पर इससे हमला बी किया जा सकता है। भारतीय वायुसेना की तरफ से एचएएल को 123 तेजस विमानों को तैयार करने का ऑर्डर दिया गया है। एचएएल द्वारा एयरफोर्स को 26 विमान डिलीवर किए जा चुके हैं। ये सबी तेजस मार्क 1 हैं। बता दें कि भविष्य में डिलीवर की जाने वाली तेजस विमान अपग्रेड होंगी।
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: CM योगी और PM मोदी को बम से उड़ाने की धमकी, दाऊद इब्राहिम का भी एंगल निकला
Tue, Nov 21, 2023
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नाम की धमकी देने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। शख्स की पहचान कामरान खान के रूप में हुई है। सूत्रों ने बताया कि खान ने कल शाम मुंबई पुलिस के कंट्रोल नंबर पर कॉल कर दावा किया था कि उसे दाऊद इब्राहिम के गुर्गे ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने के लिए कहा है।
जेजे हॉस्पिटल को भी बम से उड़ाने की धमकी
कॉलर ने ये भी कहा कि अगर उसका मेडिकल नहीं कराया गया तो वो जेजे हॉस्पिटल को भी बम से उड़ा देगा। इसके बाद पुलिस अलर्ट मोड में आ गई और उसने कॉलर का पता लगा लिया। पुलिस ने कॉलर को मुंबई के चुनभट्टी इलाके से हिरासत में लिया। युवक के खिलाफ मुंबई की आजाद मैदान पुलिस ने IPC की धारा 505(2) के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच की जा रही है।
हालही में पुलिस ने डॉन छोटा शकील के करीबी के खिलाफ दर्ज की थी FIR
हालही में खबर सामने आई थी कि मुंबई पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के करीबी गुर्गे रियाज भाटी के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज की है। इस मामले के शिकायतकर्ता ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में साल 2021 में एक वसूली की FIR रियाज भाटी के खिलाफ दर्ज हुई थी। उस मामले में शिकायतकर्ता (नये मामले में) गवाह है।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि रियाज भाटी और उसके करीबियों ने उसे जून 2022 से लेकर 4 नवंबर 2023 तक उसे धमकी दी और कहा कि वो कोर्ट में गवाही देने ना जाये और जाए तो रियाज भाटी के पक्ष में गवाही दे। ऐसा ना करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ है। इस वजह से इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। सूत्रों ने यह भी बताया की रियाज भाटी फिलहाल जेल में है और उसने शिकायतकर्ता को धमकी जेल में बैठकर दी।
बता दें कि रियाज भाटी का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से लिंक होने की बाद पहले भी सामने आ चुकी है। जानकारी के मुताबिक भाटी छोटा राजन गैंग में था। लेकिन उसके साथ रहने के बाद उसने छोटा शकील के लिए काम करना शुरू कर दिया। हालांकि भाटी ने दाऊद का सहयोगी होने से इनकार कर दिया है।
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