: Pfizer Vaccine: जल्द अधिकृत होने वाली है फाइजर वैक्सीन,5 से 12 साल के बच्चों को लगेगी
Mon, Aug 30, 2021
Pfizer Vaccine:Pfizer Vaccine का अक्टूबर तक 5 से 12 साल की आयु के बच्चों को डोज उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत होने की संभावना बन रही है। यह जानकारी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व प्रमुख स्कॉट गॉटलिब (Scott Gottlieb) ने किया है। फिलहाल अमेरिका में तीन कोविड-19 टीकों (Covid-19 Vaccine) में से केवल फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन (Pfizer-BioNTech Vaccine) को 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल को परमिशन दी गई है।
फाइजर मॉडर्न और जॉनसन एंड जॉनसन (
Johnson and Johnson
) के साथ मिलकर 12 वर्ष के कम आयु के बच्चों में वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए परीक्षण कर रहे हैं। बच्चों के लिए फाइजर टीकों के रिजल्ट सितंबर में आने की उम्मीद है। रविवार को एक अंग्रेजी न्यूज चैनल पर एक इंटरव्यू में स्कॉट गॉटलिब ने कहा कि फाइजर अगले माह एफडीए के साथ डेटा फाइल करने की स्थिति में होगा।
गॉटलिब ने बताया कि फाइजर 2 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों में अपने कोविड-19 शॉट का क्लिनिकल ट्रायल भी कर रहा है। जिसका रिजल्ट नवंबर में आएंगे। अगर एफडीए नवंबर या दिसंबर की शुरुआत में 5 से 11 साल की उम्र के बच्चों में फाइजर के टीको को अधिकृत करता है। उन्होंने कहा कि कोविड के खिलाफ छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण है, क्योंकि डेल्टा वैरिएंट के सबसे अधिक केस बच्चों में देखने को मिल रहे हैं। गॉटलिब के अनुसार को कोविड-19 के साथ हर दिन करीब 300 बच्चे अस्पताल में एडमिट होते हैं। स्कूलों के दोबारा खुलने से बच्चों में संक्रमण की दर बढ़ गई है।
यह भी पढ़ें
Weekly horoscope: जन्माष्टमी के साथ शुरू नया सप्ताह, जानिए किस राशि पर कान्हा की कृपा बरसेगी।
: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021:जाने इसका इतिहास,महत्व व इस बार की थीम
Mon, Jun 21, 2021
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत द्वारा दुनिया को दिया गया एक ऐसा दिन है जो स्वास्थ्य ही जीवन का आधार है वाली सोच पूरी दुनिया को देता है।वैसे तो भारत ने दुनिया को न जाने कितनी ही कलाएं व हमारे वेदों ने न जाने कितना ही ज्ञान दिया है लेकिन योग भारत द्वारा दिया गया एक ऐसा वरदान है जिसकी दुनिया को इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है।
योग अब सिर्फ भारत तक ही नही सीमित रहा है बल्कि योग अब पूरी दुनिया में पूरी तरह से फैल चुका।पूरी दुनिया मे योग अब लोगों की दिनचर्या का एक प्रमुख अंग बन गया है।इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक बहुत बड़ा इवेंट बन गया है ना सिर्फ भारत मे बल्कि पूरी दुनिया मे लाखों लोग आज के दिन एक साथ योग करके स्वस्थ एवं सुखी जीवन का आधार रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास और महत्व
सर्वप्रथम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था।उनका कहना था कि 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है साथ ही इस दिन का दुनिया मे कई जगह महत्व भी है।इसी के बाद 11 दिसम्बर 2014 को भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस बिल को आधिकारिक तौर पर पेश किया और 177 देशों ने इसका समर्थन किया और उसके अगले ही साल से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप के मनाया जाने लगा।
योग का भारत की संस्कृति में गहरा प्रभाव है और यह हमारी ऐतिहासिक विरासत है।ऐसा माना जाता है कि 21 जून को ही भगवान शिव ने योग का ज्ञान दुनिया को दिया था।लेकिन आज की दुनिया मे योग का महत्व पूरी दुनिया मे और बढ़ गया है क्योंकि
कोरोना
महामारी में योग ने मानव शरीर को दोबारा से स्फूर्ति व नई ऊर्जा प्रदान की है।इसके साथ ही योग ने ऐसी जटिल परिस्थितियों में मानव को मानसिक रूप से स्थिरता प्रदान की और अवसाद से उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या है इस बार के योग दिवस की थीम?
इस बार के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम है- 'योग फॉर वेलनेस'(Yoga For Wellness).
Read Also-भारत के पहल मेडिकल ड्रोन का ट्रायल शुरू,दवाइयों से लेकर वैक्सीन की करेगा डिलीवरी