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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है

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Special Edition : सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है

Ed.Sourabh Dwivedi

Fri, Jun 26, 2026

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस एक न्यूरो मस्कुलर एक डिसीज़ है जिसमें हमारे सर्वाइकल (गर्दन) की नस के दबने के कारण होता है

कारण - इसके मुख्य कारण है गर्दन का झुका कर कार्य करना जैसे मोबाइल फोन का प्रयोग कार ड्राइव करना गर्दन झुका कर पढ़ाई करना लिखना गलत तरीके से कार्य करने अनियमित जीवन शैली (खड़े होते समय अथवा बैठते समय स्पाइन का सीधा नहीं होना , गलत तरीके से टेढ़े मेढ़े होकर सोना लचकदार गद्दों में सोना और कभी कभी किसी चोट के कारण भी सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस हो सकता है

मुख्य लक्षण - गर्दन में दर्द होना ,जकड़न , गर्दन का कम घूमना, चक्कर आना ,कंधे में दर्द, जकड़न और खिंचाव महसूस करना ,हाथों में और हाथों की उंगलियों में सुन्नपन और नंबनेस ,संतुलन की कमी , उल्टी या जी मिचलाना या उल्टी का आभास होना ये मुख्यता सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मुख्य लक्षण होते हैं

परीक्षण - सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की पहचान के लिए मुख्यता mri ही सबसे उपयुक्त विकल्प होता है जिसमें एक चिकित्सक को ये निर्णय करना होता है कि सर्वाइकल रीजन की स्पाइनल कॉर्ड में कितना अधिक दवाब है उसी के पश्चात मरीज का उपचार निर्धारित किया जाता है

उपचार / इलाज - सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के शुरुआत के लक्षणों के आधार पर तो कुछ दवाओं का उपयोग किया जा सकता है लेकिन मरीजों को इन दवाइयों का उपयोग बिना चिकित्सक की सलाह के बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और फिजियोथेरेपी का सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के केस में बहुत ही बड़ा रोल है

फिजियोथेरेपी में मरीजों को सर्वाइकल आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज़ रोटेटरी मूवमेंट सर्वाइकल मूवमेंट नेक रोटेशन के अलावा अल्ट्रासोनिक थेरेपी , ट्रांस क्यूटीनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टीमूलेटर, IFT के अलावा सर्वाइकल ट्रेक्शन ये मशीनों और एक्सर्साइज दोनों के ही माध्यम से हो सकता है DHT,swd का सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के केस में बहुत ही अच्छी भूमिका है

रोकथाम - रोकथाम बीमारी की सही होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है इसके लिए सर्वाइकल कॉलर का बहुत अच्छा उपयोग होता है जो की सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की स्थिति में मरीजों को गर्दन में पहनने को बताया जाता है जिसका उद्देश्य मरीजों की गर्दन में होने वाले अनावश्यक गतिविधियों को रोकना होता है इसके अतिरिक्त नियमित व्यायाम करना , कुर्सी और सोफे पर बैठते समय गर्दन को सीधा रखना, मोबाइल का उपयोग करते समय गर्दन को सीधा रखना पढ़ते लिखते समय गर्दन को आगे नहीं झुकना चाहिए देर तक गाड़ी चलाने की स्थिति में पीठ को आराम देने के लिए किसी तकिए का उपयोग करना चाहिए

इसके अतिरिक्त भी यदि सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस ठीक नहीं होता है तब इसका उपचार शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के माध्यम से होता है जिसमें सर्वाइकल फ्यूजन सर्जरी सबसे समान है जिसमें सर्वाइकल रीजन में एक छोटा सा चीरा लगा कर सर्वाइकल रीजन के स्पाइनल कॉर्ड में उपस्थित दबाव को कम किया जाता है

डॉक्टर कुशल द्विवेदी

DPT BPT

Cupping therapist

Founder of Radhika physiotherapy and rehabilitation centre bangali mohal kanpur

Head of department- -madhumani multi-speciality clinic birhana road kanpur

Head of department- jain health care centre civil lines kanpur

Head of department- tanmay poly clinic and sai polyclinic harbansh mohal

Contact number 6387252925

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