महासमुंद- परिवार व्यवस्था का आधार और धुरी है, नारी -राखीगेंदलाल : नर-नारी एक दुसरे के पूरक-अंबा
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Mon, Mar 9, 2026
महिलाओं में जागृति हमारा लक्ष्य -स्तुषि

नर-नारी में समानता स्तुषि, का लक्ष्य -राखी नायक
जागृत महिलाओं के अभिव्यक्ति का एक अंतरराष्ट्रीय मंच-जीवन विद्या

महासमुंद:-नारी कू बिना नर अधूरा है,मां, बेटा, पत्नी,बहन, अध्यापिका कितने सारे भूमिकाओं में नारी पुरुष के लिए सहयोगी होती है, नारी परिवार व्यवस्था का आधार और धुरी है, लेकिन फिर भी नारी की स्थिति में यथोचित सुधार नहीं हो पा रहा है,जीवन विद्या केंद्र मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही & अभिभावक विद्यालय कोकड़ी सरकारी स्कूल अमरकंटक में दिव्य पथ संस्थान द्वारा आयोजित स्तुषि जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आश्रम संचालिका श्रीमती राखी गेंदलाल कोकडिया अपने १०मित्रों के साथ उपस्थित हुई,इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूज्य अंबा दीदी जी& उनके परिजनों व पूज्य सुनिता सुरेंद्र पाठक चाची जी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व सादर साधुवाद ज्ञापित की है, श्रीमती राखी गेंदलाल के अनुसार विश्व की प्रमुख दो समस्याओं में पहली समस्या नर-नारी में असमानता है जो जीवन विद्या अध्ययन से दूर किया जा सकता है,स्तुषि परिवार व्यवस्था व अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था के लिए समर्पित महिलाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच है,कार्यक्रम में मुख्यतया, नर-नारी में समानता, जागृति, वर्तमान समस्याओं का समाधान, युद्ध, आतंक, अपराध के कारण व समस्या निदान, परिवार, संबंधी व संबंधों व कर्तव्यों और दायित्वों पर विस्तृत संवाद किया गया, जीवन विद्या का यह प्लेटफॉर्म महिलाओं की मानव समाज & अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था में जिम्मेदारी और भागीदारी का सशक्त माध्यम है, इसके माध्यम से महिलाओं को प्रेरणा मिली है, जीवन विद्या अध्ययन और चेतना विकास मूल्य शिक्षा के माध्यम से हम जन -जन तक शिक्षा के मानवीय करण के विचारों को पहुंचाने के लिए संकल्पित और समर्पित हैं, स्तुति कू माध्यम से पूज्य बाबा जी श्री ए नागराज जी, मध्यस्थ दर्शन, जीवन विद्या,व चेतना विकास मूल्य शिक्षा का वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं को जागृत करने व स्वावलंबी बनाने के लिए पूज्य श्रीमती सुनीता सुरेन्द्र पाठक दीदी जी,सागर मध्य प्रदेश,पूज्य मीना अंजनी अग्रवाल भाभी जी , अभ्युदय संस्थान अछोटी, श्रीमती सुवर्णा योगेश शास्त्री दीदी जी समाधान स्थली परडा पुणे महाराष्ट्र व श्रीमती सुनीता शर्मा भाभी जी अमरकंटक,पूजा भाभीजी अमरकंटक ने विचार व्यक्त किए,
सभी मध्यस्थ दर्शन के अध्ययन अध्यापन कार्य में समर्पित होकर अपना सार्थक सहयोग करने वाले वरिष्ठ सुनीता दीदी, वंदना दीदी ,शालू दीदी द्वारा स्तुषी सम्मेलन को आयोजित करने की परंपरा जो स्थापित की गई है ,सम्मेलन में उपस्थित सभी बहनों के समक्ष जो भावनात्मक रूप से सशक्त होकर अपने-आप को मौलिक रूप से अभिव्यक्त होने का आह्वान किया है , वह वास्तव में ही हमारी ज़िम्मेदारी है और दर्शन को समझकर इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमारा समस्त प्रयास रहेगा । हम सब बहनों को जया मोहन दीदी ने इस सम्मेलन में उपस्थित विभिन्न प्रदेशों से आए हुए सभी प्रतिभागियों की संपूर्ण व्यवस्था को energetically संभाला और अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, वह बहुत बहुत बढ़िया रहा,
उर्मिला मंगल सिदार दीदी जी अध्यक्ष मानव जागृति सेवा संस्थान बुलाकी, गोर्रा डीपा रायगढ़ ने प्रतिवर्ष रायगढ़ की महिलाओं के जागृति के लिए किये गये प्रयासों के बारे में विस्तार से बतायीं, निष्ठा बहन जी पेंड्रा बिलासपुर ने प्रत्येक रविवार को जीवन विद्या गोष्ठी आयोजित करना बतायीं,
देशभर से आये सभी ने महिलाओं ने बताया कि सम्मेलन से प्रेरणा मिली कि अध्ययन अध्यापन कार्य में समर्पित होते हुए स्तुषी समूह में भी सक्रिय रुप से विचारों को अभिव्यक्त करते रहें और विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन में अपनी भूमिका निभाएं ,स्तुषी का यह कार्यक्रम परिवारमुलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था का कार्यक्रम है, जो परिवार का स्वरूप हो
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