: मध्य प्रदेश में 75 मौत और कोरोना वायरस के 3375 नए मामले।
Mon, May 24, 2021
मध्य प्रदेश में रविवार को कोरोना वायरस महामारी के 3,375 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में अब तक संक्रमित हुए मरीजों की कुल संख्या 7,64,338 हो गई है। राज्य में बीते 24 घंटों में इस बीमारी से 75 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 7,558 हो गई है।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में रविवार को कोविड-19 के 829 नये मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 577 एवं जबलपुर में 186 नये मामले आए।अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कुल 7,64,338 संक्रमितों में से अब तक 6,99,014 मरीज स्वस्थ हो गए हैं और 57,766 मरीजों का इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि रविवार को कोविड-19 के 7,587 रोगी स्वस्थ हुए हैं। बता दें कि प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस के 3,844 नए मामले सामने आए थे। आंकड़ों पर नजर डाले तो राज्य में
कोरोना वायरस
के नए मामलों में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
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: कमलनाथ का शिवराज सरकार पर आरोप मौतों का आंकड़ा छुपा रही सरकार?
Sun, May 23, 2021
कमलनाथ ने राज्य सरकार पर कोरोना से संबंधित मौतों को छुपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य भर में मार्च और अप्रैल में संक्रमण से एक लाख से अधिक लोग मारे गए थे। शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए, पूर्व सीएम ने कहा, "मैंने खुद हिसाब लगाया, 26 जिलों की जानकारी अखबारों में थी और बाकी जिलों से जानकारी जुटाई। मार्च और अप्रैल में 1,27,000 शव श्मशान घाट पहुंचे। मेरे अनुसार, उनमें से 80 प्रतिशत COVID पीड़ितों के थे।"
आधिकारिक ग्राफ के अनुसार, मध्यप्रदेश में COVID-19 के कारण मरने वालों की संख्या 7,394 है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया, "वर्तमान सरकार के COVID-19 से संबंधित तथ्यों और आंकड़ों को छिपाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसे और खराब कर दिया जाएगा। सरकार COVID-19 से नहीं, बल्कि आलोचना से लड़ रही है। कुछ पत्रकारों के खिलाफ भी केस किया गया है।वे सरकार की छवि सुधारने में व्यस्त हैं, COVID प्रबंधन में नहीं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया
COVID-19
की दूसरी लहर के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, "जब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया दूसरी लहर के बारे में बात कर रहा था, तब पीएम मोदी पर दावा किया गया था कि हमने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। 6.7 करोड़ वैक्सीन खुराक का निर्यात किया गया था।"
कमलनाथ ने आगे कहा, "अगर मेरे पास शक्ति होती, तो अक्टूबर से ही कोरोना वैक्सीन और दवाओं का बफर स्टॉक होता। राज्य भर में कई सरकारी बुनियादी ढांचे हैं जिन्हें आइसोलेशन सेंटर में बदला जा सकता है।" उन्होंने इस बात को दोहराया, "कोरोना पहले चीनी और अब भारतीय संस्करण के रूप में बदनाम हो गया है।"
कमलनाथ के इन आरोपों पर राज्य सरकार अभी चुप हे।राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश में कोरोना की रफ्तार अब धीमी हो चली हे।अब प्रदेश में तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी चल रही है।प्रदेश में ऑक्सीजन,बच्चों के लिए I.C.U ओर मेडिकल सेवाएं दुरुस्त की जा रही है।
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: Jabalpur News-जबलपुर में व्हाइट फंगस संक्रमण का पहला मामला आया सामने।
Sun, May 23, 2021
Jabalpur News-जबलपुर में 55 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 से ठीक होने के बाद 'व्हाइट फंगस' संक्रमण का पता चला है। संभवत: इस बीमारी का यह पहला मामला प्रदेश में सामने आया है।एमपी न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की नाक, कान एवं गला विभाग की प्रमुख डॉ कविता सचदेवा ने फोन पर एमपी न्यूज़ को बताया कि सिर दर्द और आंखों का दर्द कम नहीं होने पर 17 मई को इस व्यक्ति का ऑपरेशन किया गया था और शुक्रवार को एक जांच में उसकी नाक में व्हाइट फंगस के संक्रमण का पता चला है।
उन्होंने एमपी न्यूज़ को बताया कि व्हाइट फंगस का दवाओं से उपचार हो जाता है और ब्लैक फंगस की तरह इंजेक्शन देने की जरुरत नहीं पड़ती है। दोनों अनियंत्रित मधुमेह के स्तर वाले लोगों को प्रभावित करते हैं।
इस बीच, मध्य प्रदेश के
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग
ने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगस संक्रमण के 650 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। यह एक खतरनाक संक्रमण है जो कि कोविड-19 के मरीजों तथा इससे ठीक हो चुके लोगों में पाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया गया है।
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