कटनी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने : कटनी । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना
पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी
Mon, May 18, 2026
केन-बेतवा लिंक परियोजना: आदिवासियों और किसानों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
कटनी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी एवं किसान परिवारों के हक में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पार्टी कार्यकर्ताओं और आंदोलन का समर्थन करने वाले नेताओं पर दर्ज किए गए सभी झूठे प्रकरणों को तुरंत वापस लिया जाए।
जल, जंगल और जमीन की लड़ाई पर दमनकारी कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के कारण विस्थापित और प्रभावित हो रहे आदिवासी व किसान परिवार लंबे समय से अपने 'जल, जंगल और जमीन' के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कांग्रेसजनों का कहना है कि सरकार प्रभावितों की बुनियादी समस्याओं का समाधान खोजने और उन्हें राहत देने के बजाय, उनके हक की आवाज उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दमनकारी कार्रवाई कर रही है, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
उचित पुनर्वास और मुआवजा न मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
* अमित शुक्ला (शहर अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी - एडवोकेट): उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "कांग्रेस पार्टी हमेशा से किसानों, आदिवासियों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मामले लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन हैं। यदि प्रशासन और सरकार ने शीघ्र ही ये मुकदमे वापस नहीं लिए, तो जिला कांग्रेस कमेटी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।"
* अजय कोल (शहर अध्यक्ष, जिला कांग्रेस अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ): उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना के चलते क्षेत्र के आदिवासी परिवारों के सामने जल, जंगल और जमीन का एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनके पारंपरिक ठिकाने और आजीविका छिनने की कगार पर हैं।
* ओमकार सिंह तेकाम (ग्रामीण अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ): उन्होंने विस्थापन की नीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "जब तक प्रभावित परिवारों को उचित पुनर्वास की व्यवस्था और पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक किसी भी कीमत पर विस्थापन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार को पहले परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना होगा।"
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावितों को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया।
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