: सागर में रात्रि के समय बीना नदी में फंस गया था कार चालक, डायल-100 जवानों द्वारा कार को बाहर निकाला गया
Sun, Sep 22, 2024
सागर/ सागर के थाना खुरई क्षेत्र में दान खेड़ी गाँव के पास बीना नदी मे एक कार फंस गयी है, पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-100 भोपाल में दिनाँक 21-09-2024 को रात्रि 10 बजे प्राप्त हुई। सूचना प्राप्ति पर तत्काल डायल-100 एफ आर व्ही में तैनात आरक्षक प्रभु दयाल पायलेट ललित लिटोरिया ने घटना स्थल पर पहुँच कर बताया की झाँसी से भोपाल जा रहे तीन व्यक्ति की कार बीना नदी में पानी के बहाव में फंस गयी थी। पुलिस जवानों द्वारा तत्काल मौके पर ट्रैक्टर बुलवा कर कार को टोचन करके बाहर निकाला गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुणाल तिर्की जी की कार बीना नदी में फंस गयी थी। कुणाल तिर्की जी द्वारा देर रात नदी से कार को निकालने के लिए डायल-100 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया गया।
: गरबा महोत्सव आरंभ
Sun, Sep 22, 2024
सागर/ मातृशक्ति गरबा कमेटी के द्वारा विगत 6 वर्षों से शानदार गरबे का आयोजन किया जा रहा है। इस मातृशक्ति गरबा महोत्सव में महिलाओं और बालिकाओं के लिए यह गरबे का आयोजन किया जाता रहा है। इस साल यह गरबा तीन जगह पर संपन्न किया जा रहा है । शीतला माता मंदिर के ऊपर,श्री राम अखाड़ा, भीतर बाजार ,केसरी सदन ,सदर एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी,एमआईजी 3 तिली में गरबा प्रैक्टिस शुरू हो गई है और महिलाओं और बालिकाओं में काफी उत्साह है। यह गरबा पूजा केसरवानी , मीना केसरवानी , विनीता केसरवानी , सीमा केसरवानी ,बबीता केसरवानी ,संध्या केसरवानी, नीलू केसरवानी, कविता केसरवानी ,अलका केसरवानी, कंचन केसरवानी जी के द्वारा करवाया जा रहा है पूजा केसरवानी ने बताया कि इस गरबे के द्वारा हम मां भगवती की उपासना करते हैं और आज समाज में जो परिस्थितियों हैं इसलिए हमने यह संकल्प लिया कि हम यह गरबे का आयोजन सिर्फ महिलाओं और लड़कियों के लिए करेंगे ताकि हमारी बेटियां सुरक्षित माहौल में गरबा कर सके । हमारे मातृशक्ति गरबा कमेटी के द्वारा फाइनल गरबा तीनों ग्रुपों को मिलाकर एक साथ होगा।
: चौरई के पत्रकार ललित डेहरिया पर हुए हमले को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश
Sun, Sep 22, 2024
छिंदवाड़ा- शनिवार 21 सितंबर को रात्रि लगभग साड़े 9 बजे के करीब चौरई के पत्रकार ललित डेहरिया पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।यह घटना केवल एक पत्रकार की सुरक्षा का मामला नहीं है,बल्कि पत्रकारिता के अधिकारों पर एक हमला है।हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए।पत्रकारिता का धर्म है समाज की आवाज उठाना और सच को सामने लाना।जब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं,तो समाज का क्या होगा?इस प्रकार के हमले न केवल पत्रकारों को डराने के लिए हैं,बल्कि यह एक खतरनाक संकेत भी हैं कि हमें अपनी आवाज उठाने में संकोच करना होगा।ऐसे में यह आवश्यक है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि-
1.
फास्ट ट्रैक न्याय-
हमलावरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य पत्रकार के साथ ऐसी घटना न घटे।
2.
सुरक्षा के उपाय-
पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित किए जाएं, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को बिना किसी भय के निभा सकें।
3.
संविधानिक अधिकारों की रक्षा-
सरकार को पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहिए कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस समय एकजुटता की आवश्यकता है।सभी पत्रकारों को एक साथ आकर इस विषय पर अपनी आवाज उठानी चाहिए।हम अपने साथियों के लिए खड़े हैं और इस हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं।
आइए,हम सब मिलकर पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए संघर्ष करें।हमें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी,ताकि समाज में एक स्वस्थ और स्वतंत्र संवाद स्थापित हो सके।
जिला ब्यूरो राजा मंसूरी
दैनिक करारा जवाब/MP NEWS