: सागर कैंट के साथ महिला संगठनों ने मनाया स्वच्छता पखवाड़ा
Fri, Oct 4, 2024
सागर/ सागर कैंट में स्वच्छता पखवाड़े के अन्तर्गत स्वच्छता मिशन सागर कैन्ट की ब्रांड एम्बेसडर डॉ वंदना गुप्ता के नेतृत्व में विभिन्न महिला संगठनों ने अपनी सेवायें देते हुए स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। जिसमे केसरवानी महिला सभा, वैश्य महिला सभा,वी क्लब सागर गोल्ड, वी क्लब सागर प्रगति ने विभिन्न कार्यक्रमों सहित महिला स्पोर्ट्स कराने मे सहयोग प्रदान किया। कैन्ट छावनी परिषद के आग्रह पर शिवराम जनकल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष डॉ वंदना गुप्ता द्वारा शिशु स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन सदर मे झांसी रोड छावनी अस्पताल के पास आयोजित किया गया। जहाँ झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र से 70 बच्चों का निःशुल्क परीक्षण शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रामानुज गुप्ता जी द्वारा किया गया। गाँधी जयंती पर समापन समारोह में कैन्ट सी ई ओ सीमा जाट द्वारा डॉ वंदना गुप्ता ,प्रीति केसरवानी अध्यक्ष केसरवानी महिला सभा, रीजनल कोआरडिनेटर रुक्मणी केसरवानी, पूजा केसरवानी अध्यक्ष वी क्लब सागर गोल्ड , विनीता केसरवानी वैश्य महिला सभा, रोहिणी साहू अध्यक्ष वी क्लब सागर प्रगति सहित अनेक सहयोगी महिलाओँ को उनके सहयोग के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
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: दूर-दूर तक फैली है रानगिर की मां हरसिद्धि माता की ख्याति
Fri, Oct 4, 2024
सागर। सागर से करीब 60 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर मार्ग पर रहली स्थित प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र रानगिर अपने आप में एक विशेषता समेटे हुए है। देहार नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में विराजी मां हरसिद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली है। मां के दर पर आने वाले मे श्रद्धालुं की हर मनोकामना पूरी होती है। यहां पर हर दिन अनेक श्रद्धालुओं का आना होता है लेकिन साल की दोनो नवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन कर प्रसाद, भेट चढ़ाते हैं तथा मां के दरबार में अनुष्ठान करते है।
श्रद्धालुओं का जनसैलाब तो नवरात्रि और सभी प्रमुख तीज त्यौहार पर उमड़ता है लेकिन चैत्र माह की नवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है जिसमें सागर जिला सहित पूरे मध्यप्रदेश और प्रदेश के बाहर तक के श्रद्धालु रानगिर आते हैं और मां के दरबार में मनोकामना मांगते है। कुछ श्रद्धालु जहां मनोकामना लेकर आते हैं वही कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने पर मां के दरबार मे हाजिरी लगाते है। कहा जाता है कि सच्चे मन से मां हरसिद्धि के सामने जो भी कामना की जाती है वह पूरी हो जाती है और मां के भक्त इसी आशा और विश्वास से मां के दरबार में दौडे चले आते हैं और मां भी अपने भक्तो की मनोकामना पूरी करती हैं।
पुराणो में वर्णित है रानगिर की कथा
किवदंती के अनुसार देवी भगवती के 52 सिद्ध शक्ति पीठों में से एक शक्तिपीठ है सिद्ध क्षेत्र रानगिर है। पौराणिक कथा के अनुसार दक्ष प्रजापति के अपमान से दुखित हो सती ने योगबल से अपना शरीर त्याग दिया था भगवान शंकर ने सती के शव को लेकर विकराल तांडव किया तो सारे संसार में हाहाकार मच गया तब विष्णु के सुदर्शन चक्र ने सती के शव को कई अंगों वे बांट दिया। ये अंग जहां जहां भी गिरे वे सिद्ध क्षेत्र के नाम से जाने जाते हैं। कथानुसार सती की रान एवं दांत के अंश जहां गिरे वह स्थान सिद्ध क्षेत्र रानगिर एवं गौरी दांत नाम से विख्यात हुये। अन्य कथानक में यह भी कहा जाता है कि इस क्षेत्र की पहाड़ी कंदराओं में रावण ने घोर तपस्या की थी इस कारण इसका नाम रावणगिरी हुआ और कालांतर में परिवर्तित होता हुआ सूक्ष्म नाम रानगिर पड़ा। वैसे इस सिद्ध क्षेत्र के संबंध में अनेकानेक किवदंतियां हैं। कहा जाता है कि उक्त स्थान पर भगवान राम के वनवास काल में चरण कमल पड़े थे जिससे इसका नाम रामगिर पड़ा एवं परिवर्तित होते-होते रानगिर हो गया।
इतिहास में दर्ज है रानगिर की कहानी
1732 मे सागर प्रदेश का रानगिर परगना मराठों की राजधानी था। जिसके शासक पंडित गोविंद राव थे। वर्तमान मंदिर पंडित गोविंदराव का निवास परकोटा था। 1760 मे पंडित गोविंद राव की मृत्यु के बाद यह स्थल खण्डहर मे बदल गया। इसी खण्डहर के बीच एक चबूतरा था कुछ सालों बाद इसी चबूतरे पर मां हरसिद्धि देवी जी की मूर्ति स्थापित की गई। बाद मे धीरे-धीरे श्रद्धालुओं ने इस खण्डहर को पुनजीर्वित कर विशाल मंदिर का रूप दिया। वर्तमान मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पहले हुआ था।
पहाड़ों पर विराजीं रानगिर की हरसिद्धि माता, तीन रूपों में भक्तों को देती है दर्शन
रहली के रानगिर में विराजी मां हरसिद्धि तीन रूप में दर्शन देती हैं। प्रात: काल मे कन्या, दोपहर में युवा और सायंकाल प्रौढ़ रुप में माता के दर्शन होते है। जो सूर्य, चंद्र और अग्नि इन तीन शक्तियों के प्रकाशमय, तेजोमय तथा अमृतमय करने का संकेत है।
रानगिर में विराजित मां की लीला अपरंपार है। दिन मे तीन प्रहरों मे मां तीन रूप में दर्शन देती हैं। सूर्य की प्रथम किरणों के समय मां बाल रूप में दर्शन देती हैं तो दोपहर बाद युवा रूप में एवं शाम के वृद्धा दर्शन देती हैं। परिवर्तित होने वाले मां की छवि में श्रद्धालु अपने आस्था और श्रद्धा मां के चरणो मे समर्पित कर धन्य हो जाते हैं। मां की महिमा अपरंपार हैं भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं मां उसे अवश्य ही पूर्ण करती हैं। मां की यह प्रतिमा अति प्राचीन है। प्रतिमा के साथ छोटी मूर्ति भी बनी हुई है जो किसी सेवक के लिए इंगित करती है। हरसिद्धि का भावार्थ पार्वती देवी ही है। हर का अर्थ महादेव और सिद्धि का अर्थ प्राप्ति है।
आधुनिक झूला पुल का हो रहा निर्माण
रानगिर सिद्ध क्षेत्र में पर्यटन एवं श्रृद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए आधुनिक झूला पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह पुल रहली और सुरखी को जोड़ेगा जिससे यहाँ अवागमन बढ़ेगा। रानगिर में शासन के द्वारा अनेक विकास कार्य किये जा रहे हैं जिसमें फोरलाईन से पक्की सड़क, मंदिर परिसर, सीसी रोड, देहार नदी पर नवीन पुल आदि प्रमुख निर्माण एवं जीर्णाेद्धार कार्य किये जा रहे हैं अपनी प्रसिद्धि एवं भक्तों के अटूट विश्वास के कारण रानगिर बुंदेलखंड का प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बन गया है।
ऐसे पहुँचे माता के दरबार में
देहार नदी के पूर्व तट पर घने जंगलों एवं सुरम्य वादियों के बीच स्थित हरसिद्धि माता के दरबार में पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय सागर से दो तरफा मार्ग है। सागर, नरसिंहपुर नेशनल हाइवे पर सुरखी के आगे मार्ग से बायीं दिशा में आठ किलोमीटर अंदर तथा दूसरा मार्ग सागर-रहली मार्ग पर पांच मील नामक स्थान से दस किलोमीटर दाहिनी दिशा में रानगिर स्थित है। मेले के दिनों में सागर, रहली, गौरझामर, देवरी से कई स्पेशल बस दिन-रात चलती हैं। दोनों ओर से आने-जाने के लिए पक्की सड़कें हैं। निजी वाहनों से भी लोग पहुंचते हैं।
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: शिक्षक के दायित्व का निर्वहन करना कठिन चुनौती है : स्कूल शिक्षा मंत्री
Fri, Oct 4, 2024
सागर । शिक्षक के दायित्व का निर्वहन करना कठिन चुनौती है एवं बगैर अनुशासन के कोई भी व्यक्ति तरक्की नहीं कर सकता, शीघ्र ही मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवहन सेवा प्रारंभ होगी एवं शासकीय रामचंद्र सिंह ठाकुर शासकीय हाई स्कूल में अंगले साल होगी हायर सेकेंडरी की पढ़ाई। उक्त विचार मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जालंधर ग्राम में स्कूल उन्नयन कार्यक्रम में व्यक्त किए।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक का दायित्व निभाना एक बड़ी चुनौती होती है। पहले शिक्षक के सामने परिजन कहते थे कि मेरा बच्चा आपके हवाले है आपको जैसे भी शिक्षा देनी हो आप दें अब परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण परिवहन सेवा शीघ्र ही शुरू करेगी। क्योंकि जब गांव शहर से जुड़ता है तो समृद्धि आती है और गांव का विकास होता है।
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बगैर अनुशासन के कोई भी व्यक्ति तरक्की नहीं कर सकता इसलिए हम सबको अनुशासन में रहकर आंगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने माता-पिता एवं शिक्षक की बात मानी वह अवश्य ही प्रगति करता है।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक अद्भुत शक्ति के धनी होते हैं समाज का निर्माण एवं विनाश शिक्षक की गोद में पलता है। एक शिक्षक की शिक्षा ही है जिसके द्वारा आज कलेक्टर, एसपी बनकर आते हैं। हमें शिक्षक का सम्मान अवश्य करना चाहिए।
मंत्री सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा नई शिक्षा नीति पर जो कार्य किया जा रहा है उसके माध्यम से सभी बच्चे आंगे बढ़ेंगे।
मंत्री सिंह ने कहा कि जब मेरे पिताजी बाल्यावस्था में थे तब मेरी दादी का निधन हो गया उनकी स्मृति में कुछ नहीं था किंतु पिताजी हमेशा कहते थे की उन्हें कुछ ऐसा कहना है जिससे दादी की स्मृति सदा-सदा के लिए बनी रहे। तब हम सबने मिलकर नरसिंहपुर में राव रुक्मिणी देवी विद्यालय खोला जिसमें से वर्तमान में आईआईटी, डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य अच्छे से अच्छे पदों पर छात्राएं निकल रहे हैं और आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से ज्यादा सरकार शिक्षकों की चिंता कर रही है। शिक्षक यदि अपने कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाह रहेगा तो वह पीढ़ियों का नाश करेगा इसलिए सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों को सही ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जलंधर से हमारा भावनात्मक संबंध है मेरी दादी जलंधर की थी आज मुझे जलंधर आकर ऐसी अनुभूति हो रही है जैसे मैं अपने परिवार से मिल रहा हूं।
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि सद्चरित्रता, अनुशासन, दूरदर्शिता, ईमानदारी समयबद्धता सीखना है तो मंत्री सिंह से सीखें। उन्होंने कहा कि मंत्री सिंह राजनीति के अजेय योद्धा हैं और रहेंगे।
विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीति की आदर्श एवं मर्यादा किसी से सीखना है तो वह स्कूल शिक्षा मंत्री से सीखे श्री सिंह बहुत विनम्र स्वभाव के व्यक्तित्व हैं और अच्छी एवं साफ-सुथरी राजनीति के विशेषज्ञ हैं।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री जैसा व्यवहार यदि सभी का हो जाए तो समाज में रामराज्य आ जायेगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी जड़ों को नहीं भूलता वह अवश्य ही आगे बढ़ता है। उन्होंने अधिवक्ता कृष्ण वीर सिंह के संबंध में कहा कि वह जड़ों को अच्छी तरह से जानते हैं और आंगे बढ़ रहे हैं
जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मैं जलंधर का एक सेवक हूं यहां चौमुखी विकास के लिए मैं और मेरा परिवार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि जलंधर से राहतगढ़ चौकी तक 20 करोड़ रुपए की लागत से पहुंच मार्ग बनेगा एवं ज्वाला देवी माता मंदिर के पास 50 लाख रुपए की लागत से मंगल भवन बनेगा एवं 50 लाख रुपए की लागत से सीमेंट रोड बनाया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण वीर सिंह ठाकुर ने कहा की आज पूरा गांव एवं क्षेत्र की बेटियों एवं बेटों को शिक्षा के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा और इसी स्कूल में कक्षा 12वीं तक पढ़ाई आसानी से कर सकेगी।
इस अवसर पर जाट समाज के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण गोरा ने कहा कि भी मध्यप्रदेश सरकार विकास की सरकार है एवं लगातार विकास कर रही है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरविंद जैन ने किया एवं आभार माना।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण वीर सिंह ठाकुर, सुरेश ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, अर्पित सिंह, सरपंच पूजा चढार, पप्पू फुसकेले, एसडीएम अशोक सेन, संचालक मनीष वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, जिला परियोजना अधिकारी गिरीश मिश्रा, डॉ. आशुतोष गोस्वामी, संस्था के प्राचार्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे।