: सागर सांसद डॉक्टर लता वानखेड़े ने हिवरा में किया कुलदेवी का पूजन
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Mon, Jun 17, 2024
मुकेश हरयानी रिपोर्टर Mpnews.live
सागर सांसद डॉक्टर लता वानखेड़े ने हिवरा में किया कुलदेवी का पूजन
सरपंच केशव मुरलीधर चौहान ने बताया दूर-दूर तक है माता रानी
सागर/ महाराष्ट्र प्रांत के नागपुर जिले के उमरेड तालुका से संबंध रखने वाली तीन वार्डों की पंचायत हिवरा में विराजमान "मां तुळजा भवानी" के मध्यप्रदेश के सागर जिले की सांसद डॉ लता वानखेड़े नेवादी परिवार सहित पूजन किया! यह जगदंबे माता महाराष्ट्र समाज के हजारों परिवारों की खासकर वानखेड़े परिवार की कुलदेवी है!
मंदिर के पुजारी तुकाराम श्रीधर चौहान ने बताया आज से करीब 200 साल पहले मेरे परदादा बाबूराव चौहान को सपना आया था और जिस रास्ते से वह चले उनके पीछे माता रानी चली थी! लेकिन बाबूराव जी ने जब पीछे मुड़कर देखा तो माता रानी का असली स्वरूप नहीं था बल्कि उसे स्थान पर एक प्रतिमा विराजमान हो गई ! लोगों की मदद से यहां माता रानी का मंदिर बनवाया गया!
मंदिर से ही ताल्लुक रखने वाले नवनाथ पोपटशिंदे ने बताया पिंपरखेड़ा में माता रानी का यह मंदिर सैकड़ो साल पुराना है! महाराष्ट्र समाज के हजारों परिवार की कुलदेवी हैं !
हिवरा पंचायत से ही ताल्लुक रखने वाले सरपंच केशव मुरलीधर चौहान जोने बताया नवरात्र के 10 दिन यहां भारी मेला भरता है! कोजागीरी पूर्णिमा के दिन यहां से माता रानी की रथ यात्रा निकलती हैं !
उन्होंने ही बताया करीब 1300 लोगों की बस्ती है और हिबरा की माता की प्रसिद्ध दूर-दूर तक है! श्री चौहान ने बताया यहां का हनुमान मंदिर-हरिहर मंदिर, शिव मंदिर और महादेव मंदिर बहुत प्राचीन है और इन माता को तुळजा भवानी के नाम से भी जाना जाता है! पहले यह देवी माता का मंदिर बहुत छोटा था लेकिन दानदाताओं के आगे आने से मंदिर का स्वरूप बदल गया और आज नागपुर में यह मंदिर सभी लोगों की आस्था का केंद्र है!
चुनाव जीतने के बाद सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती डॉक्टर लता वानखेड़े ने अपने पति नंदकिशोर गुड्डू वानखेड़े के अलावा परिवार के साथ जाकर माता रानी का विधि विधान से पूजन किया ! डॉ लता वानखेड़े ने बताया माता रानी हमारी कुलदेवी है वर्ष में एक बार यहां जरूर आना होता है
सांसद लता वानखेड़े के पीआरओ विपिन दुबे ने बताया सागर संसदीय क्षेत्र से रिकॉर्ड मत से जीत करने के बाद श्रीमती वानखेडे सबसे पहले कुलदेवी के स्थान पर माथा टेकने पहुंची! गौरतलब है इस क्षेत्र में मराठी प्रमुख भाषा है लेकिन हिंदी अंग्रेजी भी लोग बोलते हैं! नागपुर स्टेशन से करीब 100 किलोमीटर और सिटी से 15 किलोमीटर दूर यह मां जगदंबे का स्थान है!
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