महासमुंद - विजय कृषि सेवा केंद्र बंसुला संचालक पर एफआईआर की मांग : बसना यूरिया खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रशासन मौन, किसानों में भारी आक्रोश; कलेक्टर से शिकायत
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Wed, Jun 3, 2026
महासमुंद: खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रशासन मौन, किसानों में भारी आक्रोश; कलेक्टर से शिकायत
जिला महासमुंद के बसना क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी और तय दामों से दोगुने रेट पर यूरिया बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि 'विजय कृषि सेवा केंद्र (बंसुला)' द्वारा सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों की साठगांठ के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में परेशान किसानों ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
266 रुपये का यूरिया 550 में बेचने का आरोप
किसानों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रुपये के स्थान पर किसानों से प्रति बोरी 530 से 550 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, किसानों को यूरिया देने के एवज में जबरन अन्य गैर-जरूरी उर्वरक जैसे नैनो यूरिया या विटामिन खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर ग्रामीण क्षेत्र में संचालन
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि 'विजय कृषि सेवा केंद्र' को व्यवसाय करने का लाइसेंस बसना नगर के लिए जारी किया गया है। इसके बावजूद, नियमों के विपरीत जाकर पिछले लगभग 3 वर्षों से इस दुकान का संचालन ग्राम पंचायत बंसुला में किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को इसकी पूरी जानकारी होने के बाद भी दुकान का स्थान परिवर्तन कराने या इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
14 दिन बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
किसानों का कहना है कि उन्होंने इस पूरी कालाबाजारी और मामले को दबाने वाले दोषी कृषि अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बीते 21 मई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना को एक आवेदन सौंपा था। लेकिन दो हफ्ते (14 दिन) बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन के इस ठंडे रवैये से क्षेत्र के अन्नदाताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों ने अब कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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