: सनातन परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाने को देश से वैदिक वाटिका मकरोनिया में गरबा महोत्सव का भव्य शुभारंभ
admin
Mon, Oct 7, 2024
अनेकता में एकता की संस्कृति का उदाहरण गरबा नृत्य महोत्सव- विधायक प्रदीप लारिया*
शक्ति स्वरूपा की भक्ति का का प्रतीक गरवा नृत्य महोत्सव-जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत*
मराठाओं का भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए किए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता- जिला भाजपा अध्यक्ष गौरव सिरोठिया
सागर /नवरात्रि में भक्तजन भक्ति के विभिन्न रूपों से देवी मा को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना करते हैं उनमें से गरबा नृत्य है जिसमें नृत्य के माध्यम से मां शक्ति की आराधना की जाती है यह हमारी सनातन परंपरा और संस्कृति रही है , इसी संस्कृति को आगे बढ़ाने और आने वाली पीढ़ी को सांस्कृतिक नृत्य कला से अवगत कराने के लिए वैदिक वाटिका मकरोनिया में वैदिक रास गरबा महोत्सव आयोजन समिति द्वारा 7 अक्टूबर से 9 तक चलने वाले गरबा नृत्य महोत्सव का केशव गिरी महाराज, सांसद डॉक्टर लता गुड्डू वानखेडे, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, जिला भाजपा अध्यक्ष गौरव सिरोठिया , अभिषेक भार्गव, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष हरिराम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार , उपाध्यक्ष मीनाक्षी विजय गौतम, जिला भाजपा उपाध्यक्ष रामेश्वर नामदेव, देवेंद्र फ़ुसकेले, पार्षद विवेक सक्सेना ,राजा रिछारिया,जितू खटीक सहित पार्षदों और जनप्रतिनिधि गणों ने दीप प्रजुलित कर गरबा नृत्य महोत्सव को शुभारंभ किया।
इस महोत्सव के संबंध में गरबा नृत्य में आए प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि गरबा महोत्सव गुजरात का महोत्सव है इस कार्यक्रम में दी गई प्रस्तुति और वेशभूषा मराठी है और इसका आयोजन बुंदेलखंड क्षेत्र में हो रहा है जो यह दर्शाता है कि हमारी भारतीय संस्कृति की विशेषता अनेकता में एकता है और वह अनेकताओं को एकता के सूत्र में समेटे हुए हैं उन्होंने कहा कि इस गरबा नृत्य के माध्यम से बच्चों को मां देवी की भक्ति और अपने सांस्कृतिक नृत्य को समझने का मौका प्राप्त होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि नारी को ही शक्ति स्वरूपा माना गया है और इस नृत्य के माध्यम से बच्चे शक्ति स्वरूपा की आराधना करेंगे और अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
जिला भाजपा अध्यक्ष गौरव सिरोठिया ने भी प्रतियोगिता में शामिल समस्त प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस नृत्य कला में मराठाओं की झलक देखने को मिली है क्योंकि मराठाओं ने भारत देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा करने के लिए अपना जो अभूतपूर्व योगदान दिया है उसको नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है जो सचमुच सराहनीय है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजक श्री वैदिक वानखेड़े द्वारा समस्त अतिथियों का मां दुर्गा का उल्लेखित दुपट्टा उड़ाकर स्वागत किया गया और अंत में समस्त अतिथियों को गरबा महोत्सव आयोजन समिति की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

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